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जयललिता स्मारक मद्रास हाईकोर्ट ने एआईएडीएमके की अपील को खारिज की

मद्रास हाईकोर्ट ने राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता के वेदा निलायम आवास को स्मारक में बदलने के सभी आदेश
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चेन्नई

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Vishal Kesharwani

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Updated: 6 Jan 2022, 3:17 PM IST

जयललिता स्मारक मद्रास हाईकोर्ट ने एआईएडीएमके की अपील को खारिज की

जयललिता स्मारक मद्रास हाईकोर्ट ने एआईएडीएमके की अपील को खारिज की


ेचेन्नई. मद्रास हाईकोर्ट ने राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता के वेदा निलायम आवास को स्मारक में बदलने के सभी आदेश रद्द करने वाले एकल न्यायाधीश के फैसले को चुनौती देेने वाली तीसरे पक्ष की अपील को बुधवार को खारिज कर दिया। यह याचिका एआईएडीएमके की ओर से दायर की गई थी। न्यायाधीश परेश उपाध्याय और न्यायाधीश सती कुमार सुकुमरा कुरुप की खंडपीठ ने कहा कि प्रक्रिया में कई सारी प्रक्रियागत अनिमियतताएं हैं जिनमें संपत्ति का अधिग्रहण करने से लेकर उसे स्मारक में बदलना तक शामिल है।

पिछले साल नवंबर में न्यायाधीश एन.शेषसायी की एकल पीठ ने चेन्नई के पोएस गार्डन आवास को कब्जे में लेने और उसे स्मारक में बदलने समेत गत एआईएडीएमके सरकार के तमाम आदेशों को खारिज कर दिया था। पीठ ने एकल न्यायाधीश के इन विचारों से भी सहमति व्यक्त की थी कि दिवंगत नेता के लिए दूसरे स्मारक की जरूरत नहीं है और इसमें कोई जनहित नहीं है। इसका मकसद सिर्फ और सिर्फ राजनीतिक फायदा लेना है। जयललिता का पहले से ही मरीना बीच पर एक स्मारक है, ऐसे में दूसरे स्मारक की जरूरत क्या है।

पीठ ने कहा कि डीएमके सरकार को आवास का अधिग्रहण बनाए रखने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है, क्योंकि उसने एकल न्यायाधीश का फैसला स्वीकार किया है और आवास की चाबी जयललिता के करीबी रिश्तेदार जे. दीपा और जे. दीपक को सौंप दी है। इस प्रकार से कोर्ट ने एआईएडीएमके के विल्लुपुरम जिला सचिव सीवी षणमुगम की ओर से दायर अपील को खारिज कर दी। अपील में एकल न्यायाधीश के आदेश को रद्द करने का आग्रह किया गया था। यह स्मारक जनवरी 2021 में औपचारिक रूप से खोला गया था।