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मशहूर डॉक्टर नीरज पाठक हत्याकांड का खुलासा, फुल प्रूफ प्लानिंग के साथ पत्नी ने ही की थी हत्या

7 दिनों में हाईप्रोफाइल मर्डर केस का पुलिस ने किया खुलासा, पहले जहर दिया और फिर करंट लगाकर की थी मौत की पुष्टि..

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छतरपुर. छतरपुर में हुई मशहूर मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. नीरज पाठक की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने महज दिनों में ही डॉक्टर नीरज पाठक हत्याकांड का खुलासा करते हुए आरोपी को जेल की सलाखों को पीछे पहुंचा दिया है और डॉक्टर नीरज की कातिल कोई और नहीं बल्कि उनकी पत्नी ममता पाठक ही निकली हैं। जो प्रोफेसर हैं, उन्होंने पूरे प्लान के साथ इस वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस के मुताबिक पहले डॉक्टर नीरज पाठक को जहर दिया गया और फिर करंट लगाया गया था। डॉक्टर नीरज पाठक का शव एक मई को उनके घर से बरामद हुआ था।

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पहले जहर दिया और फिर लगाया करंट
डॉक्टर नीरज पाठक की पत्नी ममता पाठक जो कि महाराजा कॉलेज में प्रोफेसर हैं ने एक मई को पिता की मौत की खबर पुलिस को दी थी। पुलिस को पहले ही दिन से पत्नी ममता पाठक पर शक था और 7 दिन की तफ्तीश के बाद पुलिस का शक सही निकला। पुलिस ने 7 मई को जब प्रोफेसर ममता पाठक को थाने में बुलाकर पूछताछ की तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल लिया। प्रोफेसर ममता पाठक ने पुलिस को बताया है कि उन्होंने मोबाइल पर एक वीडियो देखा था जिसमें बताया गया था कि अगर खाने में जहर देने के बाद दो दिन तक शव को रखा रहने दिया जाए तो पोस्टमार्टम में जहर की पुष्टि नहीं होती है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ममता पाठक ने कबूल किया है कि उन्होंने 29 अप्रैल को डॉक्टर नीरज पाठक को खाने में मिलाकर जहर दिया था और फिर दो दिनों तक शव को घर में ही बेडरूम में रखा रहने दिया। इस दौरान उन्होंने पति को करंट लगाकर इस बात की जांच भी की कि उसकी मौत हुई है या नहीं। पुलिस ने पति की हत्या के जुर्म में आरोपी पत्नी ममता पाठक को गिरफ्तार कर लिया है।

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अवैध संबंधों के शक में कई साल से चल रहा था विवाद
बताया जा रहा है कि प्रोफेसर ममता पाठक को पति डॉक्टर नीरज पाठक के चरित्र पर शक था और इसी के कारण उनके बीच बीते 20 साल से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के कारण वो कई सालों तक अलग अलग भी रहे। साल 2020 में दोनों के बीच सुलह हो गई थी और फिर से दोनों एक साथ रहने लगे थे। पारिवारिक जीवन में चल रहे विवाद के कारण ही डॉक्टर नीरज पाठक ने दो साल पहले वीआरएस ले लिया था। विवाद के कारण पति पत्नी एक दूसरे के खिलाफ तीन बार पुलिस में भी शिकायत दर्ज करा चुके थे। मौत से एक दिन पहले 28 अप्रैल को भी डॉक्टर नीरज पाठक पत्नी ममता व बेटे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचे थे और आरोप लगाया था कि पत्नी व बेटे ने उनका मोबाइल छीन लिया है।

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