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कलेक्ट्रेट में रिश्वतखोरी का जाल, जमीन के दस्तावेज देने के बदले घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

लोकायुक्त टीम ने छिंदवाड़ा कलेक्ट्रेट में रिश्वत लेते हुए एक कर्मचारी को रंगेहाथ दबोचा है।

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Bribery case in collectorate

कलेक्ट्रेट में रिश्वतखोरी का जाल, जमीन के दस्तावेज देने के बदले घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

लोकायुक्त टीम की लगातार कार्वाइयों के बावजूद मध्य प्रदेश में रिश्वतखोरी का जाल फैलता जा रहा है। प्रदेश के लगभग हर सरकारी विभाग में रिश्वतखोर अफसर और कर्मचारियों ने जाल फैलाया हुआ है। इसी कड़ी में आज लोकायुक्त टीम ने छिंदवाड़ा कलेक्ट्रेट में रिश्वत लेते हुए एक कर्मचारी को रंगेहाथ दबोचा है।

मिली शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए गुरुवार को लोकायुक्त पुलिस ने कलेक्टरेट कार्यालय के प्रतिलिपि शाखा में छापेमारी करते हुए प्रतिलिपिकार नीरज तिवारी को 1700 रूपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। कलेक्ट्रेट के कर्मचारी ने अजय गड़ेवाल नाम के व्यक्ति से भूमि संबंधी दस्तावेज जल्द उपलब्ध कराने के बदले में रिश्वत की मांग की थी, जिसकी शिकायत की पुष्टि होने पर लोकायुक्त विभाग की ओर से ये कार्रवाई की है।

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भूमि दस्तावेज की नकल बनवाने के नाम पर मांगी थी रिश्वत

बता दें कि जिले के अंतर्गत आने वाले तामिया में रहने वाले अजय गड़ेवाल को न्यायालय कार्य के लिए अपनी भूमि से संबंधी दस्तावेजों की आवश्यकता थी। इसी के नकल के लिए वो कई दिनों से कलेक्टरेट के चक्कर काट रहा था। अर्जेंट में भूमि के दस्तावेज की नकल बनवाने के नाम कार्यालय के प्रतिलिपि शाखा में पदस्थ प्रतिलिपिकार नीरज तिवारी ने उससे 1700 रुपए रिश्वत की मांग कर दी।

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रंगे हाथ पकड़ाया कर्मचारी

इसकी शिकायत उसने लोकायुक्त विभाग से की। शिकायतकर्ता की शिकायत पर टीम ने कर्मचारी को रंगे हाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया। शिकायतकर्ता की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए गुरुवार को लोकायुक्त टीम ने नीरज तिवारी को रंगे हाथों दबोच लिया। बता दें कि लोकायुक्त विभाग की इस कार्रवाई में कमल उईके, भूपेंद्र दीवान और जुबेर खान शामिल थे।