
increase in Property and water tax: नगर निगम ने आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 में आम नागरिकों पर टैक्स का बोझ बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब संपत्ति कर 10 प्रतिशत अधिक लगेगा, वहीं जल कर भी बढ़ाकर 175 रुपए से 260 रुपए कर दिया गया है। इसके अलावा उपभोक्ता प्रभार में भी वृद्धि की गई है। नगर निगम महापौर विक्रम अहके की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मेयर-इन-काउंसिल (एमआईसी) बैठक में यह निर्णय लिया गया।
महापौर विक्रम अहके ने कहा कि शहर के विकास के लिए निगम को धनराशि की आवश्यकता है। इस वजह से टैक्स दरों में बढ़ोतरी की जा रही है। इस राशि का उपयोग सड़कों, नालियों और पुल-पुलियों के निर्माण में किया जाएगा, जिससे जनसुविधाओं में वृद्धि होगी।
कांग्रेस पार्षद दल ने इस टैक्स वृद्धि का विरोध किया है। नगर निगम अध्यक्ष धर्मेंद्र सोनू मागो ने कहा कि जब तक कांग्रेस की परिषद थी, तब तक टैक्स नहीं बढ़ाए गए। अब जब प्रदेश में ट्रिपल इंजन सरकार (केंद्र, राज्य और स्थानीय निकाय में भाजपा) है, फिर भी फंड नहीं आया और आम जनता पर टैक्स का बोझ डाल दिया गया है। कांग्रेस पार्षद दल 28 मार्च को सम्मेलन में इस प्रस्ताव का विरोध करेगा।
एमआईसी बैठक में संपत्ति कर में 10 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव पारित किया गया। पिछली बार वर्ष 2015-16 में संपत्ति कर बढ़ाया गया था। सरकार की ओर से 10 प्रतिशत वृद्धि करने के निर्देश दिए गए हैं।
जल कर में भी वृद्धि की गई है। आवासीय जल कर 175 रुपए प्रतिमाह से बढ़ाकर 260 रुपए कर दिया गया है, जबकि व्यवसायिक कनेक्शन के लिए 600 रुपए के स्थान पर अब 780 रुपए प्रतिमाह देना होगा। यह वृद्धि 15 प्रतिशत होगी।
उपभोक्ता प्रभार भी बढ़ा दिया गया है। अब गुमठी और झोपड़पट्टी में 50 रुपए, आवासीय क्षेत्र में 100 रुपए, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में 150 रुपए और औद्योगिक प्रयोजन के लिए 250 रुपए शुल्क लिया जाएगा।
बैठक में नगर निगम का वार्षिक बजट 2.98 अरब रुपए का रखने का निर्णय लिया गया। इसमें राजस्व आय 147.73 करोड़ और राजस्व व्यय 147.72 करोड़ रुपए का अनुमान लगाया गया है। यह बजट 11 हजार रुपए के लाभ के साथ पेश किया जाएगा।
बैठक में सीवरेज कनेक्शन शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव भी रखा गया था। इसके तहत आवासीय और व्यवसायिक शुल्क क्रमश: 218 रुपए और 318 रुपए प्रतिमाह करने का प्रस्ताव था, लेकिन यह पारित नहीं हो सका। इसी तरह, कर्मचारियों से जुड़े एक हितैषी प्रस्ताव पर भी सहमति नहीं बनी।
नगर निगम की एमआईसी ने प्रॉपर्टी टैक्स, जल टैक्स और उपभोक्ता प्रभार में वृद्धि की है, जिसका कांग्रेस पार्षद विरोध कर रहे हैं। 28 मार्च को होने वाले सम्मेलन में कांग्रेस पार्षद जोरदार विरोध करेंगे। इस दौरान नगर निगम में शोरगुल और हंगामा होने के आसार हैं। भाजपा के पास बहुमत है, लेकिन कुछ भाजपा पार्षद भी इस प्रस्ताव से असहमत हो सकते हैं।
बैठक में पारित अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव
Published on:
26 Mar 2025 11:04 am
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