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छिंदवाड़ा. जिले में 65 गांवों में संचालित उप स्वास्थ्य केंद्र अब स्वयं के भवन में संचालित होंगे। इससे ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने की उम्मीद है। मप्र स्वास्थ्य संचालनालय ने इसके लिए जिले के समस्त विकासखंडों में भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान की है। इससे अब तक किराए के भवन में चल रहे उप स्वास्थ्य केंद्रों से मुक्ति मिल जाएगी। बताया जाता है कि जिले में डिलेवरी पाइंट समेत 65 उप स्वास्थ्य केंद्र किराए के भवन चल रहे हैं। इसके लिए प्रतिमाह एक केंद्र में 1000 से 1500 रुपए का खर्च विभाग को वहन करना पड़ता है।
इसके साथ ही गांव में मिलने वाले किराए के भवनों में आवश्यक सुविधाएं भी मौजूद नहीं होती हैं। इस वजह से कई दिक्कतों को सामना स्वास्थ्य कर्मियों को करना पड़ता है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार उप स्वास्थ्य केंद्र निर्माण के लिए शासन ने प्रशासकीय स्वीकृति दी है। सभी प्रक्रिया सम्पन्न होने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। जिसके फाइनल होते ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएंगे।
फैक्ट फाइल -
विकासखंड उप स्वास्थ्य केंद्र की संख्या
1. अमरवाड़ा 08
2. बिछुआ 03
3. चौरई 08
4. हर्रई 10
5. जुन्नारदेव 08
6. मोहखेड़ 06
7. पांढुर्ना 02
8. परासिया 05
9. तामिया 08
10. पिंडरई कला 07
रोगों से बचने डॉक्टर्स ने लगवाएं इंजेक्शन
जिला अस्पताल में चलाए जा रहे कायाकल्प अभियान के तहत सोमवार को डॉक्टर्स, स्टाफ नर्स तथा अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को हेपेटाइटिश बी के इंजेक्शन लगाए गए। आरएमओ डॉ. सुशील दुबे ने बताया कि हेपेटाइटिश बी के तीन टीके लगाए जाते हैं, इसमें पहला टीका लगने के एक महीने बाद दूसरा तथा तीसरा व अंतिम टीका छह महीने बाद लगाना अनिवार्य है। इसके बाद ही संपूर्ण टीकाकरण माना जाता है।
डॉक्टर्स तथा स्वास्थ्य कर्मियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शासन ने यह कार्यक्रम आयोजित किया है। इस अवसर पर डॉ. सुधीर शुक्ला, डॉ. संजय राय, डॉ. हितेश रामटेके, डॉ. दिनेश ठाकुर, डॉ. रवि टांडेकर समेत स्टाफ नर्स व एएनएम आदि मौजूद थे।
Published on:
22 Aug 2017 12:09 pm

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