
फाइल फोटो- घटना स्थल पर जांच करती पुलिस।
Chittorgarh Murder Case : चित्तौडगढ़। ऐतिहासिक दुर्ग की वादियों में एक पखवाड़े पूर्व हुई युवती की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। वारदात को 15 दिन से ज्यादा बीत जाने के बाद भी मुख्य हत्यारा पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। चौंकाने वाली बात यह है कि शहर के विभिन्न चौराहों पर लगे सीसीटीवी फुटेज में मृतका एक युवक के साथ दुपहिया वाहन पर नजर आई थी। सूत्रों की मानें तो पुलिस ने आरोपी को नामजद भी कर लिया, लेकिन इससे पहले कि शिकंजा कसा जाता वह फरार हो गया। जिला पुलिस में कहने को साइबर सेल, विशेष शाखा और जिला विशेष टीम जैसी हाईटेक टीमें सक्रिय हैं मगर इस मामले में पुलिस का खुफिया और जमीनी तंत्र पूरी तरह फेल साबित हो रहा है।
उल्लेखनीय है कि बीती 5 जून की सुबह किले के प्रथम प्रवेश द्वार पाडन पोल के समीप झरने के रास्ते झाड़ियों में एक युवती का निर्वस्त्र और पत्थरों से कुचला हुआ शव मिला था। सूचना पर जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्रसिंह यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा, पुलिस उप अधीक्षक ब्रजेशसिंह और कोतवाली थानाधिकारी तुलसीराम प्रजापति जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे थे। पुलिस ने एफएसएल और एमओबी टीम को बुलाकर मौका मुआयना किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाए थे। मृतका की पहचान शहर के ही एक मोहल्ले की निवासी के रूप में हुई थी। जांच के दौरान मृतका का दुपहिया वाहन राजकीय चिकित्सालय की पार्किंग में लावारिस हालत में खड़ा मिला था।
इस सनसनीखेज वारदात ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनका जवाब मिलना अभी बाकी है। आखिर युवती की इतनी बेरहमी से हत्या करने के पीछे मुख्य कारण क्या था। क्या यह वारदात केवल रंजिश का नतीजा थी या इसके पीछे लूटपाट का कोई एंगल भी जुड़ा है।
क्या हत्यारा अकेला था या इस खौफनाक वारदात को एक से अधिक आरोपियों ने मिलकर अंजाम दिया। जब तक पुलिस फरार आरोपी को दबोच नहीं लेती तब तक इस ब्लाइंड मर्डर के पीछे की असल साजिश आरोपियों की संख्या और हत्या की मुख्य वजहों का पूर्णतया खुलासा होना मुमकिन नहीं है। बहरहाल हत्यारे का खुलेआम घूमना पुलिसिया दावों पर बड़ा सवालिया निशान है।
Updated on:
23 Jun 2026, 4:34 PM IST
Published on:
23 Jun 2026, 2:37 PM IST
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