यदि यात्री ने टिकट नहीं लिया है तो माना जाएगा कि वह बगैर टिकट यात्रा कर रहा है। इसलिए उसे जुर्माना अदा करना पड़ेगा और यदि परिचालक ने राशि लेकर टिकट नहीं दिया तो परिचालक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का प्रावधान है। यह जटिल प्रक्रिया है, इस कारण परिचालक विभागीय कार्रवाई में दोषमुक्त हो जाते हैं। इकतरफा एक यात्री का किराया रकम का दस गुना या 2000 रुपए, जो भी कम है वह वसूला जाएगा।