कोटा के तीन बत्ती सर्कल पर स्थित देहदान पार्क में लोगों ने अपनों की स्मृति में सैकड़ों पौधे लगा दिए, जो अब स्मृतियों के रूप में लहलहा रहे हैं। अब घने पेड़ अपनों को आशीर्वाद दे रहे हैं। पितृ पक्ष में लोग यहां अपने पूर्वजों के प्रतीक स्वरूप इन पेड़ों की आराधना करते हैं। यह पार्क बिछड़े रिश्तों का सजीव स्मारक है, जहां हर पत्ता, हर शाखा किसी न किसी की यादों की कहानियां सुनाती है।