
Chittorgarh News : बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार और इस्कॉन मंदिर के मुख्य पुजारी चिन्मय कृष्णदास की गिरफ्तारी के विरुद्ध संतों के नेतृत्व में सर्व हिंदू समाज चित्तौड़गढ़ ने बुधवार को इंदिरा गांधी स्टेडियम से कलेक्ट्र चौराहा तक रैली निकाल कर कलेक्ट्रेट पर मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन किया। साथ ही जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपे। बुधवार को सर्व हिंदू समाज द्वारा रामस्नेही संत रमता राम महाराज, हजारेश्वर महादेव महंत स्वामी चंद्र भारती, व इस्कॉन मंदिर के कृष्ण मुरारी प्रभु के सानिध्य में इंदिरा गांधी स्टेडियम से रैली निकाली गई। रैली में बड़ी संख्या में मातृशक्ति के साथ ही सर्व हिंदू समाज के हजारों नागरिक मौजूद रहे। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के विरोध में रैली कलेक्ट्रेट चौराहा पहुंची, जहां नारेबाजी की व मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शन के बाद रामस्नेही संप्रदाय के संत रमता राम महाराज, हजारेश्वर महादेव के महंत स्वामी चंद्र भारती एवं इस्कॉन मंदिर के कृष्ण मुरारी प्रभु ने जन समुदाय को संबोधित करते हुए बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे बर्बरतापूर्वक अत्याचार की भर्त्सना की। संतों ने वहां के हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के विरोध में आवाज उठाने वाले धर्म गुरुओं व संतों पर किए गए अत्याचार को घोर निंदनीय बताते हुए कहा कि सर्व हिंदू समाज यह अपेक्षा करता है कि भारत सरकार इन सब घटनाओं को संज्ञान में ले और बांग्लादेश के प्रशासन पर दबाव बनाएं कि हिंदुओं के उत्पीड़न को रोकें और संत चिन्मय कृष्णदास को तत्काल रिहा किया जाए। संतों के सानिध्य में सर्व हिंदू समाज के प्रतिनिधि के रूप में शिव बजाज, ऋषभ सुराणा, शशिकांत शर्मा, भगवत सिंह तंवर व तेजपाल सिंह शक्तावत ने जिला कलेक्टर आलोक रंजन को राष्ट्रपति सहित सरकार के नाम ज्ञापन सौंपे।
ज्ञापन में कहा गया कि सर्व हिंदू समाज भारत सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित करवाना चाहता है कि बांग्लादेश प्रशासन द्वारा वहां के इस्कॉन मंदिर के मुख्य पुजारी चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी वहां के अल्पसंख्यक समुदाय पर विशेष रूप से हिन्दू समुदाय पर अनवरत व अमर्यादित अत्याचार की घटनाएं वहां के प्रशासन की कायरतापूर्ण और अलोकतांत्रिक घटना है। इस्कॉन ने या अन्य हिंदू संगठनों ने इन अलोकतांत्रिक घटनाओं का शांतिपूर्ण तरीके से मर्यादा पूर्वक विरोध प्रदर्शित किया है। लेकिन बांग्लादेश के प्रशासन द्वारा अत्याचार का विरोध करने के लिए शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले नेतृत्व को गिरफ्तार करना और दमन व कुचलने का कृत्य अमानवीय व घोर निंदनीय है और हिन्दू समाज के मानवाधिकारों का हनन भी है।
ज्ञापन में कहा गया कि ऐसे में सर्व हिंदू समाज यह अपेक्षा करता है कि भारत सरकार इन सब घटनाओं को संज्ञान में ले और बांग्लादेश के प्रशासन पर दबाव बनाएं कि हिंदुओं के उत्पीड़न को रोकें। संत चिन्मय कृष्णदास को तत्काल रिहा किया जाए, और बांग्लादेश में किसी भी हिंदू संत, धर्म गुरु, पुजारी व नेता को अकारण गिरफ्तार करने की कुचेष्टा ना करें। बुधवार को सर्व हिंदू समाज द्वारा किए गए इस रैली व प्रदर्शन में सर्व हिंदू समाज व सनातनी पुरुषों के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुई।
Published on:
04 Dec 2024 03:13 pm
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