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यह लाइव तस्वीर ओपीडी टीआइडी के मामले में पर्ची पर नजर आएगी। हालांकि इस बदलाव से बार-बार अस्पताल आने में असमर्थ और डॉक्टर से फॉलोअप दवा लिखवाने वाले मरीजों को परेशानी होगी और उन्हें लाइव फोटो के लिए अस्पताल आए बिना दवा या इलाज नहीं मिल सकेगा।
गाइडलाइन के अनुसार यदि मरीज किसी अन्य समान सुविधा में आइपीडी या डेकेयर की सुविधा ले रहा है तो ओपीडी के तहत नया बीआइएस उत्पन्न नहीं होगा। निजी अस्पताल के मामले में ओपीडी वॉलेट बैलेंस 135 रुपए से कम होने पर भी ओपीडी टीआइडी उत्पन्न नहीं किया जा सकेगा।
Updated on:
3 Dec 2024, 5:35 PM IST
Published on:
3 Dec 2024, 5:35 PM IST
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