
Pushya Nakshatra 2023: दीपावली से ठीक सप्ताहभर पहले रविवार को पुष्य नक्षत्र का दुर्लभ संयोग बन रहा है। दुर्लभ इसलिए क्योंकि शुभ योग हैं। रवि पुष्य के साथ अष्ट महायोग का ऐसा दुर्लभ संयोग पिछले 400 साल में नहीं बना। दीपावली से पहले शुभ कामों की शुरुआत के लिए ये दिन बेहद शुभ और महत्वपूर्ण रहेंगे। ज्योतिषाचार्यों ने बताया कि रविवार को पुष्य नक्षत्र के साथ सर्वार्थसिद्धि, शुभ, श्रीवत्स, अमला, वाशि, सरल और गजकेसरी योग बनेंगे। जिससे निवेश, लेन-देन और नई शुरुआत के लिए ये दिन शुभ रहेगा।
400 साल में अष्ट महायोग का संयोग
ज्योतिषाचार्यों ने बताया कि 15 नवम्बर तक तिथि, वार और नक्षत्रों से मिलकर रवि पुष्य के साथ अष्ट महायोग का ऐसा दुर्लभ संयोग पिछले 400 साल में नहीं बना। इस दिन सर्वार्थसिद्धि, राजयोग, त्रिपुष्कर, अमृतसिद्धि और रवियोग बन रहे हैं। इन शुभ संयोगों से सुख और समृद्धि बढ़ेगी। विशेष योग संयोग में गहने, नई प्रॉपर्टी की खरीद या फ्लैट बुक कराना फायदेमंद रहेगा। साथ ही नए कामों की शुरुआत करना भी सफलतादायक रहेगा। गाड़ी, स्वर्ण, चांदी, वस्त्र, बर्तन की खरीदारी शुभ रहेगा। वहीं, आभूषण, गाड़ी, भूमि, भवन, गृह सामग्री, फ्रिज, टीवी आदि खरीदना शुभ साबित होगा।
मंगलकारी योग देंगे स्थिरता
ज्योतिषाचार्यों ने बताया कि पुष्य नक्षत्र में खरीदी शुभता और स्थिरता देती है। रवि पुष्यामृत के साथ बनने वाले शुभ योग, शनि और गुरु की स्थिति मंगलकारी योग बना रहे हैं। इन शुभ योग में किए हर तरह के काम स्थिरता देने वाले रहेंगे।
सर्वार्थ सिद्धि योग
ज्योतिषाचार्यों ने बताया कि भारतीय ज्योतिष शास्त्र में योगों का बड़ा महत्व है। यदि कोई पर्व काल या विशेष माह या विशेष त्योहार के पूर्व नक्षत्र के साथ दिनों का शुभ संयोग बनता है तब विशेष प्रकार का योग निर्मित होता है। रविवार के दिन भी पुष्य नक्षत्र का प्रभाव होने से यह सर्वार्थ सिद्धि योग कहलाएगा। सर्वार्थ सिद्धि योग में सभी कार्य सिद्ध होते हैं।
दीपावली तक बन रहे योग
रवि पुष्य योग - रविवार 5 नवम्बर
अमृत योग, कुमार योग - सोमवार 6 नवंबर
कुमार योग - मंगलवार 7 नवंबर
अमृत योग- बुधवार 8 नवंबर
अमृत योग - गुरुवार 9 नवंबर2023
प्रीति योग - शुक्रवार 10 नवंबर2023
सर्वार्थ सिद्धि योग - रविवार 12 नवम्बर 2023
सर्वार्थ सिद्धि योग - मंगलवार 14 नवम्बर 2023
27 नक्षत्रों का महत्व
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में 27 नक्षत्र का विशेष महत्व है। 27 नक्षत्र में पुष्य नक्षत्रों का राजा माना जाता है। इस नक्षत्र में की गई खरीदी स्थायी समृद्धि प्रदान करती है। पुष्य नक्षत्र में सोने का खरीदना विशेष शुभ माना जाता है। यह ऐसा नक्षत्र है अगर इसमें भूमि, भवन के रूप में स्थायी संपत्ति खरीदी जाए तो स्थायी सुख का कारक होती है। नया व्यवसाय शुरू करने से उत्तरोत्तर प्रगति होती है। इस दिन बही खाते, धार्मिक पुस्तकें, सोने,चांदी, तांबे, स्फटिक आदि से निर्मित मूर्तियां, यंत्र, सिक्के आदि खरीदना भी शुभ माना जाता है।
शनि व देवगुरु बृहस्पति का मिलता है आशीर्वाद
ज्योतिषाचार्यों ने बताया कि पुष्य नक्षत्र को श्रेष्ठ मुहूर्त माना जाता है, इसका मुख्य कारण यह है कि इस नक्षत्र का अधिपति शनि और उप स्वामी बृहस्पति हैं। दोनों ग्रहदेव प्रगति व लाभ के लिए अनुकूल माने जाते हैं। नए व्यापार की शुरुआत, नई दुकान या नए प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए भी यह समय उपयुक्त माना जाता है। निवेश के मान से भी इस समय को सकारात्मक बताया गया है। सोच-समझ कर निवेश तथा कार्य की प्रगति के संबंध में सोच विचार कर आगे बढ़ने से लाभ भी मिलेगा।
Published on:
05 Nov 2023 10:58 am
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