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इस अस्पताल ने मंत्री और कलक्टर को भी दिखाया ठेंगा, नहीं लगाने दे रहे आरओ

इस अस्पताल ने मंत्री और कलक्टर को भी दिखाया ठेंगा, नहीं लगाने दे रहे आरओ
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चूरू

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Rajesh

Jul 05, 2018

 डेडराज भरतिया अस्पताल

डेडराज भरतिया अस्पताल

चूरू.
अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण राजकीय डेडराज भरतिया अस्पताल में आने वाले मरीजों व उनके परिजनों को मीठा शीतल जल भी नहीं मिल जा रहा। मजबूूरी में उन्हें या तो खारा पानी पीना पड़ रहा है या बाहर से खरीदना पड़ रहा है। लोगों की इसी परेशानी को देख एक मरीज खुद अस्पातल में छह माह से प्याऊ लगाने के लिए चक्कर लगा रहे है लेकिन अस्पताल प्रशासन उसे स्वीकृति नहीं दे रहा, जबकि जिला कलक्टर व मंत्री राजेन्द्र राठौड़ स्वीकृति दे चुके हैं। अस्पताल प्रशासन का यह गैर जिम्मेदाराना निर्णय कई सवाल खड़ा करता है।

स्थिती देखकर सोच लिया प्याऊ लगवाना है

तहसील के गांव खंडवा निवासी हुक्माराम पूनिया ने बताया कि वह करीब छह माह पहले अस्पताल में दवा लेने आया था। उस दौरान वह पानी पीने गया तो उसे खारा पानी मिला। उसी दिन से उसने अस्पताल में प्याऊ लगवाने के लिए सोच लिया। एक जनवरी 2018 को अस्पताल प्रशासन के पास आरओ युक्त शीतल प्याऊ लगाने के लिए आवेदन भी कर दिया। लेकिन अस्पताल प्रशासन कलक्टर व मंत्री की भी नहीं सुन रहा।

मंत्री को बोला झूठ
अस्पताल प्रशासन बात टरकाता रहा तो पूनिय जिला कलक्टर के पास चले गए। कलक्टर ललित गुप्ता ने अस्पताल में प्याऊ लगाने के लिए स्वीकृति जारी कर दी। लेकिन फिर भी अस्पताल प्रशासन ने स्वीकृति नहीं दी और बात को घुमाते रहे। इसके बाद वह दो बार मंत्री राजेन्द्र राठौड़ के पास गया। मंत्री ने अस्पताल प्रशासन को जब प्याऊ लगाने के लिए कहा तो अस्पताल प्रशासन ने कहा कि स्वीकृति दे दी गई है लगवा दिया जाएगा। लेकिन तीन महीने बीत गए अनुमति नहीं दी। बुधवार को अस्पताल प्रशासन की ओर से बताया गया कि नेत्र यूनिट परिसर में लगा दीजिए। भरतिया अस्पताल परिसर में लगाने की अनुमति नहीं मिलेगी।

भरतिया के अलावा दूसरी जगह नहीं लगाएंगे प्याऊ

सेना से सेवानिवृत्त सूबेदार हुक्माराम ने बताया कि वह मरीजों व जनता के हित के लिए भरतिया अस्पताल परिसर में प्याऊ लगाना चाहता है न कि किसी मजबूरीवश। अब अस्पताल प्रशासन कह रहा है कि नेत्र चिकित्सालय में लगवा दीजिए। पूनिया ने कहा कि नेत्र चिकित्सालय में दो से तीन सौ मरीज आते हैं, मरीज भर्ती भी नहीं होते जबकि भरतिया में 1200 से 1300 मरीज प्रतिदिन आते हैं। तीन से चार सौ मरीज प्रतिदिन भर्ती रहते हैं। यहां अधिक जरूरत है। लेकिन अस्पताल प्रशासन पता नहीं क्यों टाल मटोल कर रहा है। पूूनिया 1991 में सेना से रिटायर्ड हुए थे अब वह गांव में गोशाला चलाते हैं और खेती करते हैं। परिवार का कोई भी सदस्य नौकरी नहीं करता है सभी खेती करते हैं, फिर वह पेंशन के बचे रुपए से प्याऊ लगाना चाहता है।

तो प्रतिघंटा मिलेगा 500 लीटर शीतय पेयजल

पूनिया ने बताया कि वह आरओ युक्त शीतल प्याऊ पर चार से पांच लाख रुपए खर्च करना चाहता है। प्याऊ की क्षमता दो हजार लीटर की होगी। आरओ युक्त मशीन प्रतिघंटा 500 लीटर पानी ठंडा करेगी। एक साल तक वह खुद उसकी देखरेख करेगा। अस्पताल को केवल पानी व बिजली उपलब्ध कराना है। उसके लिए भी वे तैयार नहीं हो रहे। पार्क में लगाने के लिए नक्शा भी दे दिया था। लेकिन प्रशासनिक पदों पर बैठे लोगों के रवैए से लगता है कि मरीजों के हित के बारे में नहीं सोचते।


जिम्मेदारों के तर्क

अस्पताल के कार्यवाहक अधीक्षक डा. एफएच गौरी का कहना है कि अस्पताल प्रशासन प्याऊ लगवाना चाहता है। लेकिन चिकित्सा शिक्षा विभाग से एक पत्र आया था कि प्रिंसिपल के बिना अनुमति के अस्पताल परिसर में कोई नया निर्माण कार्य नहीं किया जाए चू्ंकि अस्पताल में कॉलेज के मुताबिक विस्तार का कार्य चल रहा है। अब प्रशासन इसका हवाला देकर प्याऊ लगाने से मना कर रहा है। जबकि पार्क में कोई और निर्माण नहीं होना है जगह भी पर्याप्त है। यहां प्याऊ आसानी से लगाया जा सकता है।