
विजयराघवगढ़ से पूर्व विधायक ने काला दिवस करार देते हुए ग्वालियर के नेता का क्षेत्र में अतिक्रमण बताया तो कटनी मुड़वारा से पूर्व विधायक ने छोड़ी पार्टी
जयपुर। विधानसभा में प्रतिपक्ष के उपनेता राजेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि 4 माह के कांग्रेसी कुशासन का जवाब प्रदेश की जनता ने दे दिया है, इसलिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को नैतिकता के आधार पर अपना इस्तीफा दे देना चाहिए।
राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि इससे बड़ी बात क्या होगी कि मुख्यमंत्री अपने गृह क्षेत्र में स्वयं के पुत्र की लाज भी नहीं बचा पाए। आपको बता दें कि प्रदेश में 2014 की तरह इस बार भी सूपड़ा साफ होता नजर आ रहा है। भाजपा की सभी सीटों पर करीब-करीब जीत तय मानी जा रही है।
इससे कुछ देर पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शांतिपूर्वक मतदान के लिए जनता और कांग्रेसजनों को धन्यवाद देते हुए कहा है कि लोकतंत्र में जनादेश शिरोधार्य होता है, जिसे हम विनम्रता के साथ स्वीकार करते हैं। कांग्रेस ने इस परम्परा को सदैव बनाए रखा और इसका निर्वहन करते हुए देश में लोकतंत्र को मजबूत और कायम रखने का काम किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के नेतृत्व में एकजुट होकर कांग्रेस की नीतियों, कार्यक्रमों एवं सिद्धान्तों और जन घोषणा-पत्र के कार्यक्रमों के आधार पर जन-जन तक पहुंचने के लिए कठोर परिश्रम किया। उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है, हमें देश की एकता व अखण्डता को बनाए रखने के लिए निरन्तर कार्यरत रहना है।
गहलोत ने कहा कि कांग्रेस के लिए देश सर्वोपरि है, जबकि भाजपा के लिए सत्ता महत्वपूर्ण है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने यह आम चुनाव जनहित एवं विकास के मुद्दों पर लड़ा जबकि नरेन्द्र मोदी ने चुनाव आचार संहिता की धज्जियां उड़ाते हुए धर्म, जाति, सेना के शौर्य और पराक्रम के नाम पर यह चुनाव लड़ा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2014 में किए चुनावी वादों के बारे में जनता को कोई जवाब नहीं दिया और ना ही भाजपा के संकल्प-पत्र में किये गये वायदों की चर्चा की। कांग्रेस ने अपने जन घोषणा-पत्र में लोक कल्याण और विकास के लिए बनाए गए कार्यक्रमों पर वोट मांगे।
Updated on:
23 May 2019 06:48 pm
Published on:
23 May 2019 04:40 pm
