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शौक पड़ा भारी, 15 साल में हजारों सांपों की जान बचाई, उसकी ही सर्प काटने से मौत

एक शख्स को सांप से कोई डर नहीं लगता था, उसकी पहचान सांपों के दोस्त के तौर पर थी। हालांकि, ये शौक उनके लिए भारी पड़ गया।

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चूरू

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kamlesh sharma

Sep 12, 2022

snake expert dies of snake bite in Churu

सरदारशहर (चूरु)। सांप का नाम सुनते ही किसी की भी हालत खराब हो जाए, लेकिन वार्ड 21 टांटिया कुआं के पास रहने वाले एक शख्स को सांप से कोई डर नहीं लगता था, उसकी पहचान सांपों के दोस्त के तौर पर थी। हालांकि, ये शौक उनके लिए भारी पड़ गया। वार्ड 21 में रहने वाले 55 वर्षीय विनोद तिवाड़ी की मौत शनिवार को सांप के काटने से हो गई। विनोद की सांपों से दोस्ती के किस्से पूरे क्षेत्र में प्रसिद्ध थे। लोग उन्हें खतरों का खिलाड़ी के नाम से पुकारते थे और दूर-दूर से सांप पकड़ने के लिए बुलाते थे।

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डेयरी बूथ के पास पकड़ने गए थे सांप
जानकारी के अनुसार विनोद को शनिवार को डेयरी बूथ के पास एक सांप को पकडऩे के लिए बुलाया था। विनोद तुरंत डेयरी बूथ के पास पहुंचे और सांप को पकड़ कर थैले में डाल लिया। लेकिन इस दौरान विषैले सांप ने विनोद को डस लिया। इससे उनकी तबीयत बिगडऩे लगी, लोगों ने तुरंत राजकीय अस्पताल पहुंचाया। जहां इलाज के दौरान मौत हो गई।

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सर्पमित्र विनोद की सांप के डसने से मौत की सूचना पर पूरा शहर स्तब्ध रह गया। विनोद तिवाड़ी ने 15 सालों में हजारों जहरीले सांपों को रेस्क्यू कर जंगल में सुरक्षित छोड़ा था। सांप को मारने की सोच को बदलने के लिए तिवाड़ी बिना रुपए लिए सांप को जंगल में सुरक्षित छोड़ते थे।

विनोद तिवाड़ी आईएएसई मानित विश्वविद्यालय, गांधी विद्या मंदिर में कार्य करते थे। उनके दो लड़के व एक लड़की है। पिता केशरदेव तिवाड़ी सेवानिवृत कर्मचारी है। रविवार को विनोद तिवाड़ी का अन्तिम संस्कार कर दिया गया।