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कोहली को 0 फिर भी पदक बजरंग को 80 फिर भी खाली हाथ, अब मिला पूनिया को कुश्ती फेडरेशन के प्रेसिडेंट का साथ

इस मामले में नया मोड़ यह आया है की अब पहलवान बजरंग पूनिया ने अवार्ड ना दिए जाने के कारण कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का मन बना लिया है । और अब उनके सपोर्ट में हरयाणा कुश्ती फेडरेशन के प्रेसिडेंट दीपेंद्र सिंह हुड्डा सामने से आ गए हैं । उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर अकॉउंट से ट्वीट कर इस बात का विरोध जताया है ।
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Prabhanshu Ranjan

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Updated: 21 Sep 2018, 4:01 PM IST

0 to virat and 80 to bajrang punia still khel ratn to kohli

कोहली को 0 फिर भी पदक बजरंग को 80 फिर भी खाली हाथ, अब मिला पूनिया को कुश्ती फेडरेशन के प्रेसिडेंट का साथ

नई दिल्ली। भारत में क्रिकेट के सामने किसी और खेल को कभी भी क्रिकेट जैसा ना प्यार मिलता है और न ही दूसरे खिलाड़ियों के जैसे फैन फॉलोविंग या पैसे । भारत में कुश्ती और कबड्डी आदि खेलों को अब क्रिकेट जैसे ही वैश्विक मंच पर लाने के लिए कई लीग अब भारत खेले जा रहे हैं । लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी क्रिकेट के अलावा किसी दूसरे खेल को वो महत्व भारत में नहीं मिल सका है । यहां तक सारी दुनिया में पसंद किया जाने वाले खेल जैसे फुटबॉल, टेनिस और गोल्फ भी भारत आते-आते अपना वजूद खो देते हैं । पैसे, ग्लैमर, फैन और फेम सबकुछ मिलने के बाद भी जब भारत में खेल मंत्रालय से मिलने वाले पुरुस्कारों की बारी आती है तो यहां भी बाजी क्रिकेट खिलाड़ी ही मार जाते हैं । कुछ ऐसा ही देखने को मिला इस बार के राजीव गांधी खेल रत्न अवार्ड के दौरान जब अवार्ड की दौर में सबसे आगे रहने के बावजूद पहलवान बजरंग पूनिया को अनदेखा कर दिया गया ।

कोहली को 0 फिर भी पदक बजरंग को 80 फिर भी खाली हाथ
इस मामले में नया मोड़ यह आया है की अब पहलवान बजरंग पूनिया ने अवार्ड ना दिए जाने के कारण कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का मन बना लिया है । और अब उनके सपोर्ट में हरयाणा कुश्ती फेडरेशन के प्रेसिडेंट दीपेंद्र सिंह हुड्डा सामने से आ गए हैं । उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर अकॉउंट से ट्वीट कर इस बात का विरोध जताया है । उन्होंने अपने ट्वीट में एक अखबार की कटिंग भी अटैच की है जिसके हेडिंग में लिखा है " Kohli got Khel Ratna with 0 points , bajrang lots out with 80 ." इसका मतलब है कोहली को 0 पॉइंट मिलने पर भी खेल रत्न दे दिया गया जबकि बजरंग 80 पॉइंट्स ला कर भी अवार्ड के दौर से बाहर हो गए ।

बजरंग से ओलम्पिक में उम्मीदें
हरयाणा कुश्ती फेडरेशन के प्रेसिडेंट दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने ट्वीट में कहा है की " हरयाणा कुश्ती फेडरेशन के प्रेसिडेंट के तौर पर मैं देश को यह बताना चाहता हूँ की हॉकी के अलावा हरयाणा के रेसलर्स ने ओलम्पिक में देश को दूसरों के मुकाबले काफी ज्यादा पदक दिलाएं हैं । हमें (खेल रत्न) इसकी जरुरत नहीं । इसके साथ ही बजरंग से हमें ओलम्पिक में उम्मीदें हैं । आपको बता दें खेल मंत्रालय ने सोमवार को भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली और महिला भारोत्तोलक महिला साईखोम मीराबाई चानू को देश के सर्वोच्च खेल सम्मान-राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार देने पर मुहर लगाई थी। इन दोनों को यह पुरस्कार मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों दिए जाएंगे।