
नई दिल्ली। क्रिकेट जगत को सप्ताह भर के अंदर अब तक एक के बाद एक तीन बड़े झटके लग चुके हैं। गौरतलब है कि पहले अफगानिस्तान के क्रिकेटर नजीब तारकाई (Najeeb Tarakai) की सड़क हादसे में मौत हो गई। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका के पूर्व गेंदबाज वर्नोन फिलेंडर (Vernon Philander) के भाई छोटे भाई टायरोन (Tyrone Philander) की गोली मारकर हत्या कर दी गई और अब पूर्व रणजी खिलाड़ी एम सुरेश कुमार (M Suresh Kumar) ने आत्महत्या कर ली। इस तरह से क्रिकेट जगत को एक के बाद एक लगे तीन बड़े झटकों को क्रिकेट प्रेमी भुला नहीं पा रहे हैं। हर कोई गम में डूबा है।
घर में मिला शव
पूर्व रणजी खिलाड़ी एम सुरेश कुमार (47) ने शुक्रवार रात अपने घर पर सुसाइड कर लिया। पुलिस ने बताया कि एम सुरेश कुमार की लाश उनके घर से बरामद हुई है। वह एक ऑलराउंडर खिलाड़ी थे और रणजी ट्रॉफी में केरल के लिए खेला करते थे।
टीम इंडिया के लिए खेलने का मौका नहीं मिला
एम सुरेश कुमार ने 1992-93 में अपना रणजी डेब्यू किया था और 2005-06 तक उन्होंने 72 मुकाबले खेले। इन 72 मुकाबलों में 1,657 रन बनाने के साथ ही 196 विकेट भी लिए। हालांकि उन्हें टीम इंडिया के लिए खेलने का मौका कभी नहीं मिला। उन्होंने केरल के लिए 52 रणजी मैच खेले और रेलवे के लिए 17 मैच खेले। सुरेश कुमार फिलहाल रेलवे में नौकरी कर रहे थे। उन्होंने दलीप ट्रॉफी में साउथ जोन और सेंट्रल जोन की तरफ से किस्मत आजमाई।
13 साल की उम्र में शुरू किया क्रिकेट खेलना
एम सुरेश ने इंडिया की ओर से अंडर 19 क्रिकेट खेला है। इतना ही नहीं उनका 1992 में वनडे टीम में सिलेक्शन हुआ था, लेकिन उन्हें मैच खेलने का मौका नहीं मिला। टीम इंडिया के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ एम सुरेश की गेंदबाजी की तारीफ कर चुके हैं। 13 साल की उम्र में ही सुरेश कुमार ने क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। 90 के दशक में उन्होंने केरल की तमिलनाडु पर पहली जीत में अहम भूमिका निभाई थी।
Updated on:
10 Oct 2020 12:20 pm
Published on:
10 Oct 2020 12:13 pm
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