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हरमनप्रीत कौर के इस बड़े फैसले से पलटा वर्ल्‍ड कप फाइनल का रुख, बोलीं- मैंने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनी

India Women vs South Africa Women Final Highlights: भारत ने साउथ अफ्रीका का 52 रन से हराते हुए पहली बार महिला विश्व कप का खिताब जीत लिया है। इस जीत के बाद भारतीय कप्‍तान हरमनप्रीत कौर ने बताया कि मैच का टर्निंग पॉइंट शैफाली वर्मा से गेंदबाजी कराना रहा।

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भारत

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lokesh verma

Nov 03, 2025

Ind W vs SL W 3rd T20i

दीप्ति शर्मा और कप्तान हरमनप्रीत कौर, भारतीय महिला क्रिकेटर (Photo Credit- BCCI Women)

India Women vs South Africa Women Final Highlights: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने साउथ अफ्रीका को हराते हुए महिला विश्व कप 2025 का खिताब जीत लिया है। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली टीम इंडिया ने अपना पहला आईसीसी खिताब जीतते हुए इतिहास रच दिया है। भारतीय टीम डीवाई पाटिल स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रविवार रात 52 रन से जीत दर्ज कर नई विश्व चैंपियन बन गई। भारतीय कप्तान ने शेफाली वर्मा से गेंदबाजी कराने के फैसले को मैच का टर्निंग पॉइंट बताया। शैफाली ने फाइनल में सिर्फ 78 गेंदों में 87 रनों की विस्‍फोटक पारी के साथ 7 ओवर भी किए और सुने लुस और मारिजेन कप्प के बेहद महत्‍वपूर्ण विकेट अपने नाम किए। इस शानदार प्रदर्शन के लिए शैफाली को प्लेयर ऑफ द मैच के खिताब से नवाजा गया।

'लगातार तीन मैच हारने के बाद टीम को किया प्रेरित'

भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मैच के बाद दर्शकों का आभार जताते हुए कहा कि हमारे हर उतार-चढ़ाव में हमारे साथ खड़े रहने के लिए शुक्रिया। इस जीत का श्रेय हमारी पूरी क्रिकेट टीम, बीसीसीआई, चयनकर्ताओं और सभी देश वासियों को जाता है। लगातार तीन हार के बाद आपने टीम को कैसे प्रेरित किया? इस सवाल पर हरमन ने कहा कि भले ही हम लगातार तीन मैच हार गए थे, लेकिन हमें पता था कि इस टीम में कुछ खास है, जो मैच का रुख बदल सकती है। इसलिए मुझे लगता है कि इसका श्रेय हर सदस्य को जाता है। वे सकारात्मक रहे। उन्हें पता था कि हमें अगले तीन मैचों में क्या करना है। मुझे लगता है कि यह टीम वहां मौजूद रहने की हकदार है।

'हमारे लिए यही एक अहम मोड़ था'

कौर ने शैफाली को लेकर कहा कि जब लौरा और सुने बल्लेबाजी कर रही थीं तो मैंने बस शेफाली को वहां खड़ा देखा। आज जिस तरह से शैफाली ने बल्लेबाजी की, मुझे पता था कि आज उसका दिन है। आज वो कुछ ख़ास कर रही थी। और मैंने सोचा कि मुझे अपनी अंतरात्मा की आवाज सुननी चाहिए। अगर मेरा दिल कह रहा है कि मैं उसे कम से कम एक ओवर दे सकती हूं, तो मैं उसे दूंगी। फिर मैंने उससे पूछा कि क्या तुम एक ओवर कर सकती हो? उसने कहा कि वह बिल्कुल तैयार थी। मुझे लगता है कि ये हमारे लिए यही एक अहम मोड़ था। मुझे लगता है कि इसका श्रेय उसे जाता है, वो बहुत सकारात्मक थी। 

'आखिरी पल में वे थोड़ा घबरा गए'

क्या आपको लगता है कि 298 रन का स्कोर काफ़ी था? इस पर हरमन ने कहा कि नहीं, दरअसल आज की पिच बारिश और ऊपरी हवा की वजह से बिल्कुल अलग थी। हमें पता था कि ये स्कोर फाइनल मैच के लिए काफी है, क्योंकि फाइनल मैच में आप पर हमेशा थोड़ा अतिरिक्त दबाव होता है। लेकिन फिर भी हमें दक्षिण अफ़्रीकी टीम को श्रेय देना चाहिए। उन्होंने शानदार बल्लेबाजी की। आखिरी पल में वे थोड़ा घबरा गए और यहीं पर हमने मैच पर पकड़ बना ली। दीप्ति भी सही समय पर आईं और उन्होंने महत्वपूर्ण विकेट लिए।

'यह तो बस एक शुरुआत है'

क्या यह किसी बड़ी चीज की शुरुआत है? इस पर उन्‍होंने कहा कि बिल्कुल, यह शुरुआत है। हम इस बाधा को तोड़ना चाहते थे। अब हमारी अगली योजना इसे एक आदत बनाना है। क्योंकि, आप जानते हैं कि हम इस पल का इंतजार कर रहे थे। अब यह पल आ गया है। अब चलिए इसे पूरा करते हैं। अगले साल विश्व कप भी है और फिर चैंपियंस ट्रॉफी भी है। हम दिन-ब-दिन बेहतर होते रहना चाहते हैं। यह अंत नहीं है। यह तो बस एक शुरुआत है और हम बस अपना सर्वश्रेष्ठ देते रहना चाहते हैं।