24 जुलाई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

टीम इंडिया को खाली मिल सकता है धर्मशाला स्टेडियम, कोरोना के डर से नहीं बिक रहे टिकट

Highlight - भारत और दक्षिण अफ्रीका ( India vs South Africa ) के बीच धर्मशाला में खेला जाएगा पहला वनडे - कोरोना के डर से नहीं बिक रहे टिकट - भारत में कोरोना के आ चुके हैं 60 मामले
2 min read
Google source verification
india_vs_south_africa.jpg

धर्मशाला स्टेडियम

धर्मशाला। भारत और दक्षिण अफ्रीका ( India vs South Africa ) के बीच तीन वनडे मैचों की सीरीज का पहला मैच गुरूवार को खेला जाएगा। इस मैच पर कोरोना वायरस ( coronavirus ) का असर पूरी तरह देखने को मिल रहा है। पहले तो टीम इंडिया के कुछ खिलाड़ी मास्क पहने हुए नजर आए और फिर भुवनेश्वर कुमार ने ये ऐलान कर दिया कि वो मैच के दौरान गेंद को चमकाने के लिए थूक का इस्तेमाल नहीं करेंगे। इन सबके बीच ये भी जानकारी मिल रही है कि पहले वनडे के दौरान धर्मशाला स्टेडियम में दर्शकों की संख्या काफी कम मिल सकती है।

धर्मशाला वनडे: कोरोना से दहशत में खिलाड़ी, भुवी बोले- थूक से नहीं चमकाऊंगा गेंद

40 फीसदी टिकट ही बिके हैं मैच के

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, धर्मशाला में होने वाले पहले मैच के दौरान स्टेडियम में दर्शकों की संख्या काफी रहने वाली है और इसकी वजह मैच की टिकटों का ना बिकना है। करीब 22 हजार दर्शकों की क्षमता वाले इस स्टेडियम में टीम इंडिया को चीयर करने के लिए फैंस की संख्या बेहद कम रहने वाली है, क्योंकि बुधवार तक मैच के सिर्फ 40 फीसदी टिकट ही बिक पाए हैं।

IPL 2020 पर फिर मंडराए संकट के बादल, मद्रास हाईकोर्ट पहुंचा मामला

मैच नहीं देखने वालों में ज्यादातर विदेशी हैं

जानकारी के मुताबिक, कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए क्रिकेट को पसंद करने वाले ज्यादातर विदेशी ही मैच से दूर दूर रहने का फैसला लिया है। वो सभी कोरोना से बचने के लिए हर जरूरी बचाव करने की कोशिश में हैं। इसकी वजह से ज्यादातर विदेशी भीड़भाड़ वाली जगह पर जाने से बच रहे हैं और यात्रा करना नहीं चाहते। यहां तक की कॉर्पोरेट हाउस से भी लोगों ने इस मैच से दूर रहने का फैसला लिया है।

भारत में कोरोना वायरस के आ चुके हैं 60 से ज्यादा मामले

आपको बता दें कि कोरोना वायरस से पूरी दुनिया में हाहाकार मचा हुआ है। भारत में अभी तक इस जानलेवा वायरस के 60 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। वहीं चीन में तो इसकी वजह से 4000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।