
ये द्रविड़ का बतौर कोच दूसरा अंडर 19 विश्व कप है। पिछली बार भारत ने शानदार प्रदर्शन किया था और फाइनल में वेस्ट इंडीज से हार गया था। इस बार भारत की नज़र चौथी बार ख़िताब जीतने पर होंगी।

पृथ्वी शॉ की कप्तानी वाली अंडर 19 टीम इन दिनों न्यूज़ीलैंड में है यहाँ अंडर 19 विश्व कप होने वाला है। जूनियर खिलाड़ियों ने अपने युवा अंदाज़ में मनाया लीजेंड द्रविड़ का जन्म दिन

सौरव गांगुली की कप्तानी वाली भारतीय टीम की रीड़ की हड्डी माने जाते थे द्रविड़। सचिन तेंदुलकर, गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण के साथ मिलकर द्रविड़ ने एक ऐसा बल्लेबाजी क्रम तैयार किया, जिससे तब के गेंदबाज खौफ खाते थे।

साल 1996 में क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में इंग्लैंड के खिलाफ डेब्यू करने वाले कर्नाटक के इस बल्लेबाज को टीम इंडिया के 'मिस्टर रिलायबल' और 'दीवार' के नाम से भी जाना जाता है।

द्रविड़ की डिफेन्स इतनी मजबूत थी के हर गेंदबाज उनसे खौफ खाता था और उनके जल्द आउट होने की दुआ मांगता था। अपने शांत स्वाभाव और सॉलिड डिफेन्स से द्रविड़ अच्छे अच्छे गेंदबाजों के हौसले पस्त कर देते थे। द्रविड़ की शानदार बल्लेबाजी के साथ-साथ फैंस उनकी खेल-भावना के भी मुरीद थे।

द्रविड़ के नाम टेस्ट क्रिकेट खेलने वाली सभी टीमों के खिलाफ उन्ही के देश में शतक ठोकने का अनोखा रिकॉर्ड दर्ज है। क्रिकेट के जेंटलमैन कहे जाने वाले द्रविड़ को मुश्किल से मुश्किल परिस्थियों में भी विरोधी टीम के सामने दीवार की तरह खड़े होकर मैच जिताने वाले खिलाड़ियों के रूप में जाना जाता हैं।

द्रविड़ का डिफेंस इतना मजबूत था कि उनके विकेट लेने की चाहत हर गेंदबाज की होती थी इसी लिए ऑस्ट्रलिया के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ ने 'द वॉल' का टैग दिया।

स्टीव मैच के शुरुआती अपने गेंदबाजों को बोलते थे की 15 मिनट में द्रविड़ का विकेट लेना है, यदि नहीं ले पाए तो भूल जाना और बाकी 10 खिलाड़ियों को आउट करने की कोशिश करना।

टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में राहुल द्रविड़ से ज्यादा गेंदें किसी बल्लेबाज ने नहीं खेलीं, उन्होंने क्रीज पर कुल 31,258 गेंदों का सामना किया। इतना ही नहीं द्रविड़ ने अपने कॅरियर में 44,152 मिनट्स क्रीज पर बिताए हैं। द्रविड़ 88 शतकीय साझेदारियों में शामिल थे।