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‘जब तक मैं 90 साल का नहीं हो जाता’, दलीप ट्रॉफी जीतने के बाद ईशान किशन का जवाब सुन हंसते-हंसते लोटपोट हुए सभी

Ishan Kishan Statement: दलीप ट्रॉफी 2026 का खिताब जीतने में सबसे अहम भूमिका निभाने वाले ईस्ट जोन के कप्‍तान ईशान किशन चैंपियन बनने का श्रेय पूरी टीम को दिया है। ट्रॉफी लेने के दौरान उन्‍होंने एक सवाल का ऐसा मजेदार जवाब भी दिया, जिसे सुन सभी लोग ठहाके लगाकर हंसने लगे।
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भारत

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lokesh verma

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Updated: 10 Sep 2026, 5:42 PM IST

Ishan Kishan and Vaibhav Sooryavanshi with Duleep Trophy

दलीप ट्रॉफी के साथ ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी व अन्‍य। (फोटो सोर्स: एक्‍स@/ImTanujSingh)

Ishan Kishan Statement after won Duleep Trophy: ईस्ट जोन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 13 साल का सूखा खत्‍म करते हुए दलीप ट्रॉफी का खिताब जीतकर इतिहास के सुनहरे पन्‍नों में अपना नाम दर्ज करा लिया है। एमए चिदंबरम क्रिकेट स्टेडियम में ईशान किशन की कप्तानी में साउथ जोन के खिलाफ फाइनल में ईस्‍ट जोन पहले दिन से लेकर अंत तक पूरी तरह से हावी रही। ईस्ट जोन को चैंपियन बनाने में ईशान की भूमिका सबसे महत्‍वपूर्ण रही। उन्‍होंने पहली पारी में 270 और दूसरी पारी में 80 रन की शानदार पारियां खेलीं। हालांकि इस खिताबी जीत का श्रेय उन्‍होंने पूरी टीम को दिया। खिताब लेने के दौरान ईशान अपना मजाकिया अंदाज नहीं भूले। इस दौरान उनके एक जवाब ने सभी को हंसते-हंसते लोटपोट कर दिया।

'मैं एक अच्छा कप्तान रहा हूं'

मैच के बाद कप्तान ईशान किशन ने कहा कि एक ग्रुप के तौर पर हमने यह खिताब जीता है। मुझे लगता है कि हर कोई एक-दूसरे का ख्याल रख रहा था, जो मेरे लिए सबसे जरूरी बात थी। उन्‍होंने आगे अपने मजाकिया अंदाज में मुस्‍कुराते हुए कहा कि मुझे लगता है कि मैं एक अच्छा कप्तान रहा हूं। लेकिन, मुझे लगता है कि ये सफर यहीं खत्म नहीं होता। आपको हर विभाग में बेहतर होते रहना होगा। हमेशा कुछ न कुछ गलतियां होती रहती हैं। इसी वजह से हमें बस उन्हें सुधारना है और प्रतिदिन बेहतर होना है।

'मुझमें अधिक भूख है'

उन्‍होंने आगे कहा कि यह सब ब्रेक के बाद (जब उन्हें इंडियन टीम में नहीं चुना गया था) ज्यादा शांत रहने, मैच में अधिक शामिल रहने, यह समझना कि क्या जरूरी है, आप मैच के प्रति कितने जागरूक हैं और आप स्थिति को कैसे समझते हैं, इस बारे में था। आपको एक-दूसरे का ख्याल रखना होता है, हर गेंद पर मदद करने की कोशिश करनी होती है, ताकि वे उस जोन में न जाएं जहां मैं था।

इसी कारण मैं बस सभी की मदद करने की कोशिश कर रहा था और यह मेरे लिए भी एक अच्छा बदलाव रहा है। मैं अधिक शांत रहा हूं, स्थितियों के प्रति ज्यादा जागरूक रहा हूं और मुझमें अधिक भूख है। आप अपनी टीम के लिए अच्छा खेलना चाहते हैं। आपको अपनी टीम को जिताना है और यही बात मुझमें बदली है।

'जब तक मैं 90 का नहीं हो जाता'

वहीं, जब उनसे सवाल किया गया कि आप अपने चुटीले अंदाज को लेकर क्‍या कहेंगे। (मतलब इसमें कोई बदलाव होगा?) इस पर ईशान ने मुस्‍कुराते हुए कहा कि जब तक मैं 90 का नहीं हो जाता यह ऐसा ही रहेगा। (ईशान का यह जवाब सुन सभी हंसते-हंसते लोटपोट हो गए।)