
मैच के दौरान आउट की अपील करते कुलदीप यादव। (फोटो सोर्स: एक्स@/PuneetA77622712)
Kuldeep Yadav on Test snubs: कुलदीप यादव मौजूदा समय में यॉर्कशायर के लिए काउंटी क्रिकेट खेलने में व्यस्त हैं। उन्होंने हाल ही में एसेक्स पर पारी की जीत में 10 विकेट लिए लेकर यॉर्कशायर के लिए मैच जिताऊ प्रदर्शन किया है। यह पहली बार है, जब उन्होंने फर्स्ट-क्लास मैच में 10 विकेट लिए हैं। इस मैच प्रदर्शन के बाद कुलदीप का टेस्ट में नहीं चुने जाने का दर्द भी बाहर आ गया। उन्होंने कहा कि आप निश्चित रूप से जब आप प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं होते हैं, तो आपको अपने लिए बुरा लगता है। क्योंकि जब आप स्क्वाड में होते हैं, तो आप खेलना चाहते हैं।
कुलदीप यादव के साथ हमेशा ऐसा होता रहा है कि वह स्क्वॉड में तो होते हैं, लेकिन बल्लेबाजी में कमी के चलते उन्हें गेंदबाजी में अच्छे प्रदर्शन के बावजूद बाहर कर दिया जाता है। चौंकाने वाली बात है कि उन्होंने 2017 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट में डेब्यू किया था, लेकिन अब तक वह सिर्फ 19 टेस्ट खेल सके हैं। एक बार नहीं कई बार मैनेजमेंट ने उन्हें सबसे लंबे फॉर्मेट के लिए नजरअंदाज किया है। हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट के लिए भी कुलदीप को नज़रअंदाज किया गया था, क्योंकि सारांश जैन को कोलंबो में प्लेइंग इलेवन में जगह मिली थी, जहां मैच ड्रॉ रहा था।
कुलदीप ने नील मैंथॉर्प और इंग्लैंड के पूर्व तेज गेंदबाज स्टीव हार्मिसन को टॉकस्पोर्ट इंटरव्यू में बताया कि दुर्भाग्य से या सौभाग्य से कभी-कभी आपको टीम कॉम्बिनेशन या स्ट्रैटेजी के साथ जाना पड़ता है। निश्चित रूप से जब आप नहीं खेल रहे होते हैं और जब आप प्लेइंग XI का हिस्सा नहीं होते हैं, तो आपको अपने लिए बुरा लगता है। उन्होंने कहा कि जब आप स्क्वाड में होते हैं, तो आप खेलना चाहते हैं, लेकिन कभी-कभी मैनेजमेंट जो सोचता है, उसकी वजह से ऐसा नहीं हो पाता। पिछले साल मुझे उम्मीद थी कि मुझे कुछ गेम में मौका मिलेगा, लेकिन कोई बात नहीं हुई। इसलिए सोचा चलो शायद अगली बार मिलेगा।
जब उनसे पूछा गया कि क्या काउंटी में इस परफॉर्मेंस से टीम मैनेजमेंट के लिए कोई बात साबित हुई, तो कुलदीप ने कहा कि नहीं, सच में नहीं। यहां कोई बात साबित करने के बारे में नहीं है। मैं यहां सिर्फ एन्जॉय करने आया हूं। यह सब एन्जॉय करने के बारे में है। जब आप एन्जॉय कर रहे होते हैं, तो आप अपनी पूरी काबिलियत से बॉलिंग करते हैं।
कुलदीप ने साफ किया कि काउंटी क्रिकेट में लौटने का उनका फैसला इंडिया के सिलेक्टर्स या किसी और को कोई बात साबित करने की इच्छा से नहीं था। वह बस कॉम्पिटिटिव क्रिकेट खेलना और उसका मजा लेना चाहते थे। कुलदीप ने कहा कि मुझे पर्सनली लगता है कि इंग्लिश काउंटी का अनुभव बैटर्स और स्पिनर्स के लिए बहुत अच्छा है। आपको यहां-वहां सीमिंग कंडीशंस देखने को मिलेंगी, लेकिन आप यहां खेलने के लिए उन चैलेंजेस की आदत डाल लेते हैं, जिनका आप सामना करते हैं। आप घर पर उनका सामना नहीं करेंगे, क्योंकि आप वहां खेलते हुए बड़े हुए हैं और आप कंडीशंस को अच्छी तरह जानते हैं।
Updated on:
15 Sept 2026 09:52 pm
Published on:
15 Sept 2026 09:52 pm
