
दलीप ट्रॉफी के साथ मोहम्मद शमी। (फोटो सोर्स: IANS)
Mohammed Shami: मोहम्मद शमी मार्च 2025 से भारत के लिए नहीं खेले हैं और उन्होंने आखिरी टेस्ट मैच तीन साल पहले खेला था। इसके बावजूद वह घरेलू क्रिकेट लगातार अच्छा प्रदर्शन कर भारतीय टीम में वापसी के लिए दस्तक दे रहे हैं। दलीप ट्रॉफी का फाइनल उनका 100वां फर्स्ट-क्लास मैच था, जो कि ट्रॉफी जीत के साथ यादगार बन गया। उन्होंने खिताबी मुकाबले में दो जरूरी विकेट लिए लेकर साउथ जोन को 336 रन पर आउट करने में अहम भूमिका निभाई। मैच के बाद उन्होंने कहा कि मेरा मोटिवेशन कम नहीं हुआ है। वह अपने करियर के अगले लेवल की ओर बढ़ने के लिए मोटिवेटेड हैं।
मोहम्मद शमी ने मैच के बाद कहा कि मोटिवेशन एक पर्सनल जिम्मेदारी है और वह अपने लिए नए टारगेट तय करते रहते हैं। मोटिवेटेड रहने के बहुत सारे कारण हैं। इस लेवल पर अगर आप खुद से मोटिवेटेड नहीं हैं, तो आपका तरीका गलत है। फिर आप चाहे किसी भी स्टेज पर खेल रहे हों, आपकी नजर हमेशा अगले लेवल पर होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि जिस लेवल पर उन्हें मौका मिलता है, उससे उनका तरीका या योगदान देने की उनकी इच्छा नहीं बदलती। जब आप अपनी छाती पर वह निशान पहनते हैं, तो क्रिकेट का लेवल मायने नहीं रखता। अगर आप बैज के लिए खेलते हैं, तो वह भूख अपने आप दिखेगी। लड़ने की आपकी इच्छा तभी बढ़ती है, जब आप उस गर्व के साथ खेलते हैं। उन्होंने कहा कि मेरा माइंडसेट सिंपल है। मुझे जिस भी लेवल पर खेलने का मौका मिलता है, मैं उसका पूरा फायदा उठाना चाहता हूं और टीम के प्रति अपनी जिम्मेदारी पूरी करना चाहता हूं।
उन्होंने आगे कहा कि अपने 100वें मैच में दिलीप ट्रॉफी हासिल करना स्पेशल है। ईस्ट जोन ने बहुत लंबे समय के बाद यह ट्रॉफी जीती है। आपने देखा है कि हमने कैसा परफॉर्म किया। हर एक लड़के ने हमें यहां तक पहुंचाने के लिए इस कैंपेन में अपना दिल और जान लगा दी। इन हालात में इस गर्मी में यह हासिल करना शानदार है।
जहां तक मेरी बात है, चाहे यह आपका पहला मैच हो या 100वां, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मेहनत और तरीका बिल्कुल वैसा ही रहता है। इतना प्यार और सपोर्ट पाकर बहुत अच्छा लग रहा है। मैं उन सभी का दिल से शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने इस दौरान मेरा साथ दिया। मेरा काम बस कड़ी मेहनत करना है, बाकी सब ऊपर वाले के हाथ में है।
Updated on:
10 Sept 2026 08:34 pm
Published on:
10 Sept 2026 08:33 pm
