
सोनल दिनुषा को शानदार पारी के लिए बधाई देते ऋषभ पंत। (फोटो सोर्स: एक्स@/CricCrazyJohns)
IND vs SL 2nd Test: भारतीय टीम कोलंबो टेस्ट में चौथे दिन जीत की दहलीज पर पहुंच ही गई थी। लेकिन, एक बार फिर सोनल दिनुषा भारतीय गेंदबाजों के सामने दीवार की तरह खड़े रहे। किसी भारतीय पेसर या स्पिनर के पास उनकी कोई काट नहीं थी। वह धीमी गति से रन बनाते रहे और अंतत: टीम को मुश्किल से उबारने में सफलता प्राप्त की। उन्होंने गेंदबाजों को विकेट लिए तरसाते हुए दूसरा टेस्ट ड्रॉ कराने में अहम भूमिका अदा की। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से नवाजा गया। इसी दौरान उन्होंने कठिन परिस्थितियों में अपनी बल्लेबाजी को लेकर बड़ा खुलासा भी किया।
प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब पाने के बाद सोनल दिनुषा से जब सीरीज की तैयारी को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि सबसे पहले, मुझे यह बताना चाहिए कि किसने मुझे यहां रन बनाने में मदद की। खासकर मुझे हमारे कोचिंग स्टाफ का जिक्र करना होगा। उन्होंने मुझे हिम्मत दी। साथ ही मेरे स्कूल के कोच, मेरे प्रोविंशियल कोच, मेरे परिवार और मेरे दोस्तों मेरी बहुत मदद की। तैयारी की बात करें, तो सबसे पहले इस ग्राउंड पर मुझे एक आइडिया था कि ये टर्निंग विकेट है। इसलिए मैंने कुछ क्वालिटी सेशन किए। इसी से मुझे रन मिलते हैं।
पांचवें दिन टेल-एंडर्स के साथ बैटिंग करने को लेकर उन्होंने कहा कि उन्होंने बहुत अच्छी बैटिंग की। इससे मुझे भी रन बनाने में सच में मदद मिली। मुझे लगता है कि मैंने सिचुएशन को समझते हुए अपना बेस्ट देने की कोशिश की।
दो टेस्ट मैचों की सीरीज में तीन शतक और यह उपलब्धि हासिल करने वाला सिर्फ तीसरा श्रीलंकाई बनने पर क्या कहेंगे? इस पर उन्होंने कहा कि पर्सनली मैं इससे बहुत खुश हूं। मुझे लगता है कि मैं चाहता था कि जब टीम पीछे हो, तो मैं टीम के लिए रन बनाऊं। मैंने बस यही किया। इसलिए मैं दिन के आखिर में सच में बहुत खुश हूं। वहीं, भारत के खिलाफ 420 रन बनाने को उन्होंने अपनी किस्मत बताते हुए कहा कि इंडिया के खिलाफ रन बनाना एक प्लेयर के तौर पर खुशी की बात है।
Updated on:
27 Aug 2026 07:53 pm
Published on:
27 Aug 2026 07:52 pm
