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Vaibhav Sooryvanshi ने तेज दिमाग से फिर दिखाया कमाल, DRS की अपील कर 2 बड़े बल्लेबाजों को भेजा पवेलियन

Vaibhav Sooryvanshi बल्‍ले और गेंद दोनों से ही सबका दिल पहले ही जीत चुके हैं, लेकिन उपकप्‍तान डीआरएस के फैसलों में भी अहम भूमिका निभाई है। सेमीफाइनल में जहां उन्‍होंने स्‍टैंड इन कप्‍तान के तौर डीआरएस का सही फैसला लिया था। वहीं, अब दलीप ट्रॉफी फाइनल के तीसरे दिन उन्‍होंने अहम समय पर दो DRS के फैसलों की अपील कर विपक्षी टीम के दो बड़े बल्‍लेबाजों को पवेलियन भेजा है।
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भारत

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lokesh verma

Sep 08, 2026

Vaibhav Sooryavanshi's DRS decision

मैच के दौरान डीआरएस की अपील करते वैभव सूर्यवंशी। (फोटो सोर्स: वीडियो स्‍क्रीन शॉट)

Vaibhav Sooryavanshi's DRS decision: वैभव सूर्यवंशी भले ही सिर्फ 15 साल के हैं, लेकिन टीनएज सेंसेशन ने बल्‍ले और गेंद से कमाल करने के बाद यह भी दिखा दिया है कि वह मैदान पर भी हर समय अवेयर रहते हैं। दलीप ट्रॉफी के फाइनल में ईस्ट जोन के उपकप्‍तान ने दो जरूरी डिसमिसल में अहम भूमिका निभाई है। जिसके चलते उनकी टीम ने एमए चिदंबरम स्टेडियम में दिलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में साउथ जोन पर शिकंजा कस दिया है। यह सूर्यवंशी की गेम को तेजी से समझने की काबिलियत है कि उन्‍होंने तीसरे दिन चाय से पहले रिकी भुई और स्मरण रविचंद्रन के विकेट लेने में टीम की मदद की।

अंपायर ने नकारा, लेकिन वैभव सूर्यवंशी को था पूरा यकीन

वैभव सूर्यवंशी ने तीसरे दिन पहली सफलता तब दिलाई, जब रिकी भुई मुकेश कुमार के खिलाफ कैच बिहाइंड अपील से बच गए। पेसर ने लेग साइड में तेज गेंद डाली, भुई ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन मैदानी अंपायर अपील से सहमत नहीं हुए। हालांकि, वैभव को यकीन था कि कुछ तो आवाज आई है। उन्‍होंने तुरंत ईशान किशन से डिसीजन रिव्यू सिस्टम (DRS) लेने की अपील की।

रिव्‍यू में जैसे ही गेंद बल्ले से गुजरी अल्ट्राएज ने एक स्पाइक दिखाया और विकेटकीपर कुमार कुशाग्र ने कैच पूरा करके भुई को वापस भेज दिया। इस तरह वैभव की समझ सही साबित हुई। बीसीसीआई ने एक्‍स पर आउट होने का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “ले लो… ले लो। वैभव सूर्यवंशी ने कप्तान से रिव्यू लेने की अपील की और यह सफल रहा।”

कप्तान वैभव ने शमी को सही समय पर वापस बुलाया

सूर्यवंशी का टैक्टिकल योगदान डीआरएस कॉल के साथ खत्म नहीं हुआ। साउथ जोन का स्कोर 174/4 था और चाय से कुछ ही मिनट पहले किशन के मैदान से बाहर जाने के बाद वैभव कुछ समय के लिए कप्तान बने। उन्‍होंने मोहम्मद शमी को थोड़ी देर के लिए वापस बुलाने का फैसला किया, जबकि अनुभवी पेसर पहले ही एक मुश्किल स्पेल डाल चुका था। शमी ने पहले 7 ओवर फेंके और फिर लंच के बाद दो बार बॉलिंग की। इस दौरान उन्‍हें फिजियो से अपनी गर्दन का इलाज भी करवाना पड़ा था।

स्‍टैंड इन कप्‍तान का दूसरा फैसला भी सही साबित हुआ

फिर भी सूर्यवंशी ने इंटरवल से पहले अनुभवी शमी को एक छोटे स्पेल के लिए इस्तेमाल करने का फैसला लिया, जो एकदम सही साबित हुआ। शमी ने इस दौरान पिछले रणजी ट्रॉफी सीजन के सबसे ज्‍यादा रन बनाने वाले स्मरण रविचंद्रन को आउट किया। इस बार भी ऑन-फील्ड अंपायर ने बल्‍लेबाज को आउट नहीं दिया, लेकिन इस बार कुशाग्र ने सूर्यवंशी से रिव्यू लेने को कहा। वैभव ने डीआरएस लिया और एक बार फिर अल्ट्राएज की पुष्टि हुई।