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‘बचपन से ही मेरे पापा मुझसे कहते आए’, Vaibhav Sooryavanshi ने बताया सेंचुरी मिस होने पर पिता ने क्‍या सिखाया?

Vaibhav Sooryavanshi reveals fathers lesson: वैभव सूर्यवंशी शतक के करीब पहुंचकर भी आखिर क्‍यों उसी अंदाज से खेलते हैं, जबकि उनके पास थोड़ा आराम से खेलकर शतक बनाने का मौका होता है। इसके पीछे की वजह उन्‍होंने अपने पिता से मिली एक सीख को बताया है।

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भारत

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lokesh verma

May 29, 2026

Vaibhav Sooryavanshi reveals fathers lesson

राजस्‍थान रॉयल्‍स के स्‍टार बल्‍लेबाज वैभव सूर्यवंशी। (फोटो सोर्स: एक्‍स@/mufaddal_vohra)

Vaibhav Sooryavanshi reveals fathers lesson: वैभव सूर्यवंशी आईपीएल 2026 में सफलता के शिखर पर हैं। राजस्थान रॉयल्स के ये सेंसेशन अभी 15 मैचों में 680 रन बनाकर ऑरेंज कैप की रेस में सबसे आगे है। उनकी लगातार रिकॉर्ड तोड़ परफॉर्मेंस ने क्रिकेट फैंस ही नहीं, बल्कि क्रिकेट के दिग्‍गजों को भी अपना मुरीद बना लिया है। फिर भी, अपने शानदार सीजन के बावजूद वह उन शतकों से चूक गए, जिनके वे हकदार थे। लेकिन, वह इससे निराश नहीं हैं, क्‍योंकि उनके पापा बचपन से ही उन्‍हें सिखाया है कि क्रिकेट एक टीम गेम है। आप भले ही शतक, दोहरा शतक या तिहरा शतक बना लो, लेकिन जब तक टीम नहीं जीते तो उसके कोई मायने नहीं हैं।

बता दें कि इस सीजन में वैभव सूर्यवंशी दो बार नर्वस नाइंटी पर पहुंचकर शतक से चूक गए हैं। ऐसा नहीं है कि वह शतक नहीं बना सकते थे, लेकिन टीम के मकसद के प्रति अपने पक्के कमिटमेंट की वजह से पीछे रह गए। पर्सनल माइलस्टोन हासिल करने के लिए धीमा पड़ने के बजाय, उन्‍होंने अपना नैचुरल अटैकिंग गेम खेलना जारी रखा।

'उन रनों की कोई वैल्यू नहीं'

सूर्यवंशी ने जियोस्‍टार पर अपनी सोच बताते हुए कहा कि बचपन से ही मेरे पापा हमेशा मुझसे कहते आए हैं कि अगर तुम शतक, दोहरा शतक या तिहरा शतक भी बना लो, लेकिन टीम उसकी वजह से नहीं जीतती, तो उन रनों की कोई वैल्यू नहीं है। वे सिर्फ तुम्हारे पर्सनल रिकॉर्ड के लिए हो सकते हैं, लेकिन उनसे टीम को कोई फायदा नहीं होता।

'80 मेरे लिए शतक से ज्‍यादा मायने रखते हैं'

उन्होंने आगे कहा कि क्रिकेट आखिर में एक टीम गेम है। इसलिए, अगर मैं शतक के बजाय 80 रन बनाता हूं और मेरी टीम जीत जाती है और अगर मेरे शतक बनाने के बाद भी हम नहीं जीतते हैं, तो वह 80 मेरे लिए शतक से ज्‍यादा मायने रखते हैं।

'पर्सनली और टीम दोनों को फायदा'

वैभव ने आखिर में कहा कि मेरी टीम टूर्नामेंट में जितनी देर रहेगी और हम प्लेऑफ और फाइनल में जितने आगे जाएंगे, मुझे शतक बनाने और जो भी रिकॉर्ड मैं तोड़ना चाहता हूं, उन्हें हासिल करने के उतने ही ज्‍यादा मौके मिलेंगे। इसलिए, इससे मुझे पर्सनली और टीम दोनों को फायदा होता है।

सिंगल या सेफ खेल सकते थे, लेकिन...

सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ आईपीएल 2026 एलिमिनेटर के दौरान उनका बिना स्वार्थ का रवैया पूरी तरह दिखा। सिर्फ 28 गेंदों पर 97 रन बनाकर सूर्यवंशी आईपीएल इतिहास में सबसे तेज सेंचुरी के क्रिस गेल के रिकॉर्ड को तोड़ने से सिर्फ एक बाउंड्री दूर थे। लेकिन, सेफ खेलने और सिंगल लेने के बजाय, उन्होंने प्रफुल्ल हिंगे की गेंद पर एक अपर-कट मारा। लेकिन, शॉट मिसटाइम हो गया और 29वीं गेंद पर डीप थर्ड मैन पर कैच हो गए।

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