
When Mahendra Singh Dhoni is not cool
नई दिल्ली : टीम इंडिया (Team India) के पूर्व कप्तान और विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) को कैप्टन कूल (Captain Cool) भी कहा जाता है। इसकी वजह यह है कि खेल के दौरान मैदान पर चाहे जितना भी तनाव हो, वह हमेशा शांत नजर आते थे। वह न तो अपने खिलाड़ियों पर भड़कते थे और न ही अंपायर के साथ उलझते थे। लेकिन ऐसा भी नहीं है कि उनका पूरा करियर बिना विवादों के ही गुजरा। अपने करियर के दौरान वह न सिर्फ अंपायरों से उलझ चुके हैं, बल्कि विपक्षियों से भी भिड़ चुके हैं तो अपने खिलाड़ियों पर भी आपा खो चुके हैं।
अंपायर बिली बोडेन से भिड़ गए थे
बात 2011-12 की है। भारत और ऑस्ट्रेलिया (India vs Australia) के बीच ब्रिस्बेन में एक मैच के दौरान सुरेश रैना (Suresh Raina) की गेंद पर माइकल हसी (Michael Hussey) चूक गए और माही ने उनकी गिल्लियां बिखेर दी। अंपायर बिली बोडेन ने हसी को स्टंप करार दिया, लेकिन टीवी रिप्ले में दिखा की हसी क्रीज में हैं और थर्ड अंपायर ने हसी को नॉट आउट करार दिया। इसके बाद बिली बोडेन (Billy Bouden) ने हसी को दोबारा बल्लेबाजी के लिए बुला लिया। इस पर धोनी गुस्से में आ गए और वह अंपायर से भिड़ गए थे।
पिछले साल आईपीएल में भी अंपायर से उलझे
आईपीएल 2019 में जयपुर में राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) के खिलाफ चेन्नई सुपर किंग्स (Chennai Super Kings) के मैच में कप्तान एमएस धोनी अंपायरों से उलझ गए थे। अंपायर उल्हास गंधे ने रॉयल्स के गेंदबाज बेन स्टोक्स (Ben Stokes) की एक फुलटॉस को कमर के ऊपर होने के कारण नो बॉल दी, लेकिन स्क्वायर लेग अंपायर ब्रुस ऑक्सनफोर्ड से सलाह कर वापस ले लिया था। अंपायर गंधे ने जब फैसला बदला तो पैवेलियन से धोनी गुस्से में इशारा करते नजर आए। गुस्से में वह बाउंड्री लाइन तक आ गए थे।
मुस्तफिजुर से भी भिड़े
भारत-बांग्लादेश के बीच 2015 में मीरपुर में वनडे के दौरान जब मुस्तफिजुर रहमान गेंदबाजी कर रहे थे, यह घटना तब की है। ओवर की दूसरी गेंद पर धोनी रन के लिए दौड़े। सामने मुस्तफिजुर आ गए तो गुस्से में वह उन्हें कोहनी मारते हुए निकल गए। धोनी के टकराने से मुस्तफिजुर को मैदान छोड़कर बाहर जाना पड़ा था।
इरफान पठान को चिढ़ाया
2010 में आईपीएल में महेंद्र सिंह धोनी ने इरफान पठान को चिढ़ाया था। धर्मशाला में चेन्नई सुपरकिंग्स का मुकाबला किंग्स इलेवन पंजाब का था। प्लेऑफ में जगह बनाने के लिए सीएसके को हर हाल में जीत चाहिए थी। पंजाब ने चेन्नई को 192 रन का लक्ष्य दिया। धोनी जब बल्लेबाजी के लिए आए थे तब नौ रन प्रति ओवर के हिसाब से रन बनाने थे और अंतिम दो ओवर में 29 रन बनाने थे। आखिरी ओवर में चेन्नई को जीत के लिए 16 रन की जरूरत थी। आखिरी ओवर इरफान पठान गेंदबाजी के लिए आए थे। पिच टूटने लगी थी और वह गेंदबाज को मदद करने लगी थी। इसके बाद धोनी ने पहली गेंद पर चौका, दूसरी पर दो रन और फिर तीसरी और चौथी गेंद को सिक्स मार कर चेन्नई को जिता दिया। इस मैच में धोनी ने 29 गेंद पर 54 रन की पारी खेली थी। मैच जीतने के बाद वह इतने आक्रमक तरीके से जश्न मना रहे थे कि लग रहा था कि वह इरफान पठान से लड़ लेंगे। धोनी को मैच की जीत का जश्न इतने आक्रमक तरीके से मनाते शायद ही किसी ने देखा होगा।
अपने खिलाड़ियों को भी लगाई फटकार
ऐसा नहीं है कि धोनी का गुस्सा सिर्फ विपक्षी खिलाड़ियों पर ही उतरा है, बल्कि वह अपने टीममेट्स को भी फटकार चुके हैं। दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर सेंचुरियन में खेले गए दूसरे टी-20 मुकाबले में धोनी ने मनीष पांडेय को पारी के आखिरी ओवर में दो रन न लेने के लिए जमकर लताड़ा था। आखिरी ओवर की पहली गेंद की बात है। धोनी स्ट्राइक अपने पास ही रखना चाहते थे। तब स्टंप माइक्रोफोन पर पांडेय को झिड़कते हर किसी ने धोनी को सुना था। वह मोहम्मद खलील को तहजीब सिखाने के चक्कर में जमकर फटकार लगा चुके हैं। इसके अलावा वह मोहम्मद शमी को फटकार लगा चुके हैं।
Updated on:
16 Aug 2020 08:10 pm
Published on:
16 Aug 2020 07:40 pm
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