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वर्ल्ड कप 2023 के फाइनल में भारत को पहुंचाने में इस दिग्‍गज का हाथ, पर्दे के पीछे निभा रहा चाणक्य की भूमिका

वर्ल्ड कप 2023 में भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड को शिकस्त देकर चौथी बार फाइनल में जगह बनाई है। टीम इंडिया ने पहली बार विश्व कप में लगातार 10 मैच जीते हैं। भारत की इस सफलता में पर्दे के पीछे से कोच राहुल द्रविड़ चाणक्‍य की भूमिका निभा रहे हैं।

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वर्ल्ड कप 2023 में भारत को जिताने में इस दिग्‍गज का हाथ, पर्दे के पीछे निभा रहा चाणक्य की भूमिका।

वर्ल्ड कप 2023 के फाइनल में पहुंच चुकी भारतीय टीम की जीत का श्रेय भले ही कप्तान रोहित शर्मा और अन्य खिलाडिय़ों को दिया जा रहा है। लेकिन, पर्दे के पीछे कोच राहुल द्रविड़ ही हैं, जिन्होंने ऐसी रणनीति तैयार की, जिसने टीम इंडिया के बेखौफ, मानसिक तौर पर मजबूत और कभी ना हार मानने वाला जज्बा दिया। द्रविड़ ने टीम हित को सबसे आगे रखा। मैदान के अंदर रोहित शर्मा और ड्रेसिंगरूम के अंदर राहुल द्रविड़ ने टीम की बागडोर संभाली और भारतीय टीम ने वर्ल्ड कप में पहली बार 10 मैच लगातार जीते हैं। अब उनकी नजर फाइनल पर टिकी हैं।


टीम की जीत से बढकऱ कुछ नहीं

रोहित शर्मा और कोच द्रविड़ ने सभी खिलाडिय़ों को साफ बता दिया कि टूर्नामेंट में व्यक्तिगत उपलब्धियों से बढकऱ टीम का हित और जीत है। खिलाडिय़ों को मानसिक तौर पर मजबूत बनाया और अंत तक लडऩे की सीख दी।

हर खिलाड़ी की भूमिका स्पष्ट की गई

अंतिम एकादश में शामिल सभी खिलाडिय़ों को उनकी भूमिका के बारे में विस्तार से बताया गया। उसी के अनुसार खिलाड़ी मैदान पर प्रदर्शन कर रहे हैं। हर मैच के हिसाब से रणनीति बनाई गई और खिलाडिय़ों का चयन भी उसी के अनुरुप किया गया।

प्लान-बी तैयार रखा गया

राहुल द्रविड़ ने प्लान-ए के अलावा प्लान-बी भी तैयार रखा। बांग्लादेश के खिलाफ मैच में हार्दिक पांड्या के चोटिल होने के बाद टीम इंडिया ने प्लान-बी अपनाया। इसके तहत, टीम छह विशेषज्ञ बल्लेबाजों और पांच गेंदबाजों के साथ मैदान पर उतरी।

ड्रेसिंगरूम का माहौल खुशनुमा रखा

रोहित और द्रविड़ ने ड्रेसिंगरूम का माहौल भी खुशनुमा रखा। खिलाड़ी एक-दूसरे की सफलता का लुत्फ उठा रहे हैं। मैच के बाद सर्वश्रेष्ठ फील्डर को मेडल देने की नई परंपरा शुरू की गई है।