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एशियाई खेलों में बिना ट्रायल के हुआ सुशील कुमार का चयन, साथी पहलवान ने लगाए गंभीर आरोप

सुशील कुमार ने भारत के लिए 2008 बीजिंग ओलंपिक्स में ब्रॉन्ज और 2012 लंदन ओलंपिक्स में सिल्वर मेडल जीता है।
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Akashdeep Singh

Jun 10, 2018

sushil kumar

एशियाई खेलों में बिना ट्रायल के हुआ सुशील कुमार का चयन, साथी पहलवान ने लगाए गंभीर आरोप

नई दिल्ली। दो बार के ओलम्पिक पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार और प्रवीण राणा के बीच विवाद एक बार फिर तूल पकड़ता दिख रहा है। राणा ने शनिवार को एशियाई खेलों के चयन के लिए आयोजित ट्रायल में भेदभाव का आरोप लगाया है। 74 किलोग्राम भारवर्ग में लड़ने वाले राणा ने इस बीच आरोप लगाया है कि महासंघ भेदभाव कर रही है और सुशील के हित में फैसले ले रही है।


बिना ट्रायल के सुशील का चयन
इन ट्रायल्स में सुशील (74 किलोग्राम भारवर्ग) और बजरंग पुनिया (65 किलोग्राम भारवर्ग) को बिना ट्रायल दिए एशियाई खेलों का टिकट थमा दिया गया और इसके पीछे भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) का तर्क है कि इन दोनों के भारवर्ग में कोई भी भारतीय पहलवान इनके बराबर का नहीं इसलिए एशियाई खेलों में पदक की ख्वाहिश को ऊपर रखते हुए इन भारवर्ग में ट्रायल न कराने का फैसला लिया गया।


राणा का आरोप-ऐसे हमारा करियर खत्म हो जाएगा
राणा ने आईएएनएस से कहा, "पहले डब्ल्यूएफआई ने कहा कि ट्रायल्स होंगी लेकिन बाद में कहा कि नहीं होंगी और सुशील का चयन कर दिया गया। डब्ल्यूएफआई ने कहा कि सुशील का चयन राष्ट्रमंडल खेलों में उनके प्रदर्शन को देखते हुए किया गया है।" राणा ने कहा, "अगर ऐसा ही चलता रहा तो मेरा और कई जूनियर खिलाड़ियों का अपने देश का प्रतिनिधित्व करने का सपना पूरा नहीं हो पाएगा। इससे हमारा करियर खत्म हो जाएगा।"


सुशील के खिलाफ गंभीर आरोप
राणा ने साथ ही इसी साल 20-28 अक्टूबर के बीच होने वाली विश्व चैम्पियनशिप के लिए महासंघ की चयन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। 25 साल के राणा ने कहा, "10-15 दिन बाद विश्व चैम्पियनशिप के लिए भी ट्रायल्स हैं। जिन 74 किलोग्राम भारवर्ग के पहलवानों ने एशियाई खेलों में हिस्सा नहीं लिया है वो एक दूसरे से लड़ेंगे और उनमें से जीतने वाला फाइनल में सुशील से लड़ेगा।" उन्होंने कहा, "ऐसे में हमें ट्रायल्स में अतिरिक्त मेहनत करनी होगी और सुशील सीधे फाइनल में सिर्फ एक मैच खेलेगा।"


अधिकारी ने दी सफाई
वहीं डब्ल्यूएफआई के सचिव विनोद तोमर ने कहा कि महासंघ पूरी पारदर्शिता रखते हुए चयन कर रही है। तोमर ने कहा, "हमारा लक्ष्य पदक हैं। सुशील और बजरंग अपने-अपने भारवर्ग में सर्वश्रेष्ठ हैं। अगर उन्हें ट्रायल्स में हिस्सा लेना पड़ता तो उन पर मानसिक तौर पर दबाव पड़ता। इसलिए हमने फैसला किया कि हम उन्हें सीधे क्वालीफाई करवा देंगे ताकि तमाम दिक्कतों से दूर रहकर अपनी तैयारियों पर ध्यान दें।" उन्होंने कहा, "राणा को हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई मौके मिले थे लेकिन उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था। एशियाई चैम्पियनशिप में वह पहले राउंड में ही हार गए थे। एशियाई खेल, एशियाई चैम्पियनशिप से मुश्किल होते हैं।" तोमर ने कहा, "सुशील दो बार ओलम्पिक पदक विजेता हैं और भारत के सर्वश्रेष्ठ पहलवान। राणा उन्हें एक बार भी नहीं हरा पाए हैं। वह सुशील से राष्ट्रीय और राष्ट्रमंडल चैम्पियनशिप में हार गए थे।"

इन खिलाड़ियों का एशियाई खेलों के लिए हुआ चयन
वहीं अन्य फ्री स्टाइल भारवर्ग में मौसम खत्री ने सत्यव्रत कादयान को 97 किलोग्राम भारवर्ग में मात देकर एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाई किया। पवन कुमार (86 किलोग्राम भारवर्ग) और सुमित (125 किलोग्राम भारवर्ग) ने भी एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाई कर लिया है। 57 किलोग्राम भारवर्ग में हालांकि ट्रायल्स पूरे नहीं हो पाए क्योंकि संदीप तोमर, उतकर्ष काले और रवि ने बराबर अंक हासिल किए और इन्हें एक बार फिर मुकाबला करना होगा। वहीं ग्रीको रोमन में ज्ञानेंद्र (60 किलोग्राम भारवर्ग), मनीष (67 किलोग्राम भारवर्ग), गुरप्रीत सिंह (77 किलोग्राम भारवर्ग), हरप्रीत सिंह (87 किलोग्राम भारवर्ग), हरदीप (97 किलोग्राम भारवर्ग) और नवीन (125 किलोग्राम भारवर्ग) ने एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाई कर लिया।

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