
Seshachalam forests
नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश पुलिस ने खजाने की खोज के लिए तिरुपति शेषाचल पहाड़ी जंगल में 80 फुट की सुरंग खोदने वाले गिरोह के 7 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। शेषाचल पहाड़ी वन में पक्षियों और जानवरों की दुर्लभ प्रजातियों का घर है। यह वह क्षेत्र है जहां तिरुपति एझुमालयन मंदिर स्थित है। तिरुपति के दर्शन के लिए देशभर से प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। लेकिन अब इस बीमारी के फैलने से कोरोना वीरान हो गया है। इसी तरह शेषाचल के जंगल में घुसने वालों की संख्या कम हो गई है। इस स्थिति का फायदा उठाकर गिरोह शेषाचल के जंगल में खजाने की तलाश में घूमता है और उन्होंने इसके लिए 80 फुट की सुरंग खोद डाली।
शेषाचल वन में है प्राचीन तांबें की तलवारों का खजाना
आंध्र प्रदेश पुलिस के अनुसार, आंध्र प्रदेश के अनाकापुथुर के मूल निवासी पेंट मंगुनैडु ने 2014 में तिरुपति में रहने और काम करने के लिए अपने परिवार को छोड़ दिया था। वह नेल्लोर से रामायण सामियार के संपर्क में आया। बताया जाता है कि शेषाचल वन में कई प्राचीन तांबे की तलवारों का खजाना है। उन्होंने छह अन्य लोगों के साथ मिलकर शेषाचल जंगल में खजाने की तलाश में खनन करने लगे।
3 महीनों में खोदी 80 फीट सुरंग
पुलिस के मुताबिक उन्होंने पिछले 3 महीनों में 80 फीट सुरंग खोदी है। उन्होंने इसको 40 फीट ओर खोदने का फैसला किया। इसके लिए यह सभी बीते शुक्रवार को शेषाचल जंगल के पास चले। स्थानीय लोगों को जब इनके बारे में बता चला तो पुलिस को जानकारी दी। सूचना के आधार पर आंध्र प्रदेश पुलिस ने वहां आकर तीन लोगों को गिरफ्तार कर पूछताछ की। पूछताछ में पता चला है कि वे खजाना पाने के लिए खदान खोद रहे थे। पुलिस ने सूचना पर गिरोह के चार और सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने जगह का भी निरीक्षण किया और सील कर दिया। पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
Published on:
19 May 2021 08:30 am
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