1 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

साध्वी से रेप के मामले में आसाराम के बेटे नारायण साईं को उम्रकैद की सजा, एक लाख का जुर्माना

दो अन्य दोषियों को भी सजा इसी माह 26 अप्रैल को कोर्ट ने नारायण साईं को दोषी करार दिया था करीब 11 साल पुराना है साध्वी से बलात्कार का यह केस
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Kaushlendra Pathak

•

Updated: 1 May 2019, 7:38 AM IST

Narayan Sai

नई दिल्ली।गुजरात (Gujarat) के सूरत की सेशंस कोर्ट द्वारा रेप के मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद नारायण साईं (Narayan Sai) को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। इसके अलावा गंगा जमुना हनुमान को दस साल, चालक रमेश को छह माह कारावास की सजा सुनाई गई है। वहीं, पीड़िता को पांच लाख रुपए मुआवजा चुकाने का भी कोर्ट ने आदेश दिया है। नारायण साईं की सजा के ऐलान को लेकर सूरत पुलिस ने कोर्ट के आस-पास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे ।

पढ़ें- प्रसाद बांटने के बहाने ये घिनौनी हरकत करता था नारायण साईं, ऐसे बनाता था लड़कियों को अपना शिकार

26 अप्रैल को कोर्ट ने सुनाया था फैसला

सूरत की सेशंस कोर्ट ने शुक्रवार यानी 26 अप्रैल को सूरत की रहने वाली दो बहनों के साथ बलात्कार के आरोप में नारायण साईं को दोषी करार दिया था। कोर्ट ने सजा सुनाने के लिए 30 अप्रैल का दिन तय किया था। सुरक्षा को लेकर कोर्ट के बाहर काफी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। वहीं, कोर्ट परिसर में काफी संख्या में नारायण साईं के समर्थक भी मौजूद हैं। गौरतलब है कि पुलिस ने पीड़ित बहनों के बयान और मौके से मिले सबूतों के आधार पर नारायण साईं और आसाराम के खिलाफ केस दर्ज किया था। यह केस करीब 11 साल पुराना है। नारायण साईं के खिलाफ कोर्ट अब तक 53 गवाहों के बयान दर्ज कर चुकी है, जिसमें कई अहम गवाह भी हैं।

पढ़ें- साध्वी रेप केस: आसाराम का बेटा नारायण साईं दोषी करार, 30 अप्रैल को सजा का ऐलान

दो महीने अंडरग्राउंड था नारायण साईं

नारायण साईं पर जैसे ही रेप के मामले में एफआईआर दर्ज किया गया, वैसे ही वह अंडरग्राउंड हो गया था। वह पुलिस से बचकर लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। तत्कालीन सूरत पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना ने नारायण साईं को गिरफ्तार करने के लिए 58 अलग-अलग टीमें बनाई और तलाशी शुरू कर दी थी। एफआईआर दर्ज होने के करीब दो महीने बाद दिसंबर, 2013 में नारायण साईं हरियाणा-दिल्ली सीमा के पास से गिरफ्तार कर लिया गया था। गिरफ्तारी के वक्त नारायण साईं ने सिख व्यक्ति का भेष धर रखा था।