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झारखंड: फिर सामने आई मॉब लिंचिंग की घटना, डायन बताकर 2 महिलाओं समेत 4 की पीट-पीटकर हत्या

Gumla Mob Lynching in Jharkhand 4 लोगों की मौत डायन बताकर 2 महिलाओं समेत 4 की पीट-पीटकर हत्या चौरों मृतक झाड़-फूंक का करते थे काम

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Shiwani Singh

Jul 21, 2019

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नई दिल्ली। देश में मॉब लिंचिंग की घटना थमने का नाम नहीं ले रही है। झारखंड से रविवार को एक और मॉब लिंचिंग ( Gumla Mob lynching in Jharkhand ) की घटना सामने आई। यहां के गुमला इलाके में डायन समझकर दो महिला समेत 4 लोगों को लाठी-डंडों से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया गया।

जानकारी के मुताबिक, यह घटना गुमला जिले के सिसई थाना क्षेत्र के सिसकरी गांव की है। यहां तीन परिवारों के चार लोगों की इसलिए निर्मम हत्या कर दी गई क्योंकि लोग उन्हें डायन मान रहे थे।

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इस मामले में लगभग 10 से 12 लोगों पर हत्या ( Gumla Mob Lynching in Jharkhand ) का आरोप है। इस घटना को रविवार तड़के करीब 3 बजे अंजाम दिया गया।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मारे गए चारों लोग झाड़फूंक करते थे। चारों को 12 नकाबपोश घर से निकालकर गांव के आखाड़ा, आंगनबाड़ी केंद्र के पास ले गए।

यहां हमलावरों ने लाठी और डंडों से उनकी जमकर पिटाई की। पिटाई की वजह से चारों की मौके पर ही मौत हो गई।

मृतकों की पहचान चापा भगत (65 वर्ष), उनकी पत्नी पीरी देवी (62 वर्ष), सुना उरांव (65 वर्ष) और फगनी देवी (60 वर्ष) के रूप में हुई है।

घटना की जानकारी लगते ही समाजसेवी दामोदर सिंह ने सिसई थाने में इसकी सूचना दी।

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क्या कहा पुलिस ने

एस पी अंजनी कुमार झा ने बताया कि हत्या की जानकारी के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। घटना को लेकर गांव के हर घर से पूछताछ की जा रही है।

सभी लोग झाड़फूंक किया करते थे। चारों हत्या अंधविश्वास की वजह से हुई है।

पुलिस सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर छानबीन कर रही है। जल्द ही हत्यारों की गिरफ्तारी की जाएगी।

मृतक करते थे यह काम

जानकारी के मुताबिक, मृतक ( Gumla Mob Lynching in Jharkhand ) चापा भगत व पीरी देवी दोनों पति-पत्नी थे। वे बाजार मे आलू प्याज बेचते थे। इसके अलावा वो झाड़फूंक भी करते थे। इनके तीन पुत्र बुद्धदेव उरांव, सोमरा उरांव और फेकु उरांव है।

बुद्धदेव व सोमरा बाहर मजदूरी करते हैं। दोनों अपने मां-बाप के साथ नहीं रहते हैं।

वहीं, मृतक सुना उरांव भी झाड़फूंक करता था। इसके अलावा उनका खेतीबाड़ी का भी काम था। सुना की पत्नी का नाम सुनी देवी है।

चौथी मृतक फगनी देवी भी झाड़फूंक करती थी। उसके चार बेटे थे, जो बाहर मजदूरी करते हैं।