
नई दिल्ली।जम्मू और कश्मीर के कठुआ में 8 साल की बच्ची के साथ हुए सामुहिक बलात्कार प्रकरण में एक बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपियों ने दरिंदगी के दौरान बच्ची को भांग ओवरडोज दी थी। पुलिस पूछताछ में घटना के 15 वर्षीय एक आरोपी ने बताया कि बच्ची को अगुवा करने के बाद उसे भांग की गोलियां खिलाई गईं थी। आरोपी के मुताबिक जब बच्ची ने नशे की गोलियां खाने से मना किया तो आरोपियों में एक ने उसके पैर पकड़कर जबरण गोलिया उसके मुंह में डाल दीं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी रेप के दौरान रोजाना बच्ची को भांग की गोलियां खिलाते रहे।
घातक है भांग का ओवरडोज
डॉक्टर्स ने भांग की गोलियों के अधिक सेवन को प्राण घातक बताया है। डॉक्टर्स के अनुसार मरीजों को भी बेहोश करने के लिए इस गोली का मात्र 0.5 एमजी ही दिया जाता है। जबकि इससे अधिक डोज किसी की भी जान ले सकती है। पुलिस की मानें तो बच्ची को तीन दिन में भांग की 8 गोलियां दी गईं थी।
कठुआ रेप केस में मामला दर्ज
उधर, केरल पुलिस ने शनिवार को कहा कि उसने कठुआ में दुष्कर्म करने के बाद मार डाली गई आठ साल की बच्ची के खिलाफ सोशल मीडिया पर घृणास्पद पोस्ट करने के लिए एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पनंगद पुलिस थाने के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि कोटक महिंद्रा बैंक के पूर्व कर्मचारी विष्णु नंदकुमार को टिप्पणी पोस्ट करने के लिए बुधवार को बर्खास्त कर दिया गया था। मलयालम में लिखे पोस्ट में नंदकुमार ने पीड़ित बच्ची की हत्या को न्यायसंगत ठहराया था। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा था कि अच्छा हुआ कि उसे मार दिया गया, वरना बड़ी होकर भविष्य में वह या तो मानव बम बनती या फिर आतंकी। इस पोस्ट के लिए नंदकुमार के खिलाफ बहुत से लोगों ने बैंक को लिखा। इसके बाद शुक्रवार को बैंक ने कहा कि खराब प्रदर्शन के कारण उनकी सेवाएं बुधवार से बर्खास्त कर दी गई हैं। साथ ही बैंक ने अपने पूर्व कर्मचारी की सोशल मीडिया पोस्ट की निंदा भी की।
Published on:
14 Apr 2018, 5:55 PM IST
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