9 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सामने आई बेरहम मां की करतूत, बेटे को 3 साल तक किया टॉर्चर फिर घर से बाहर फेंक कर मार डाला

महिला अपने पति से अलग होकर 11 साल के बेटे के साथ रहती थी।

2 min read
Google source verification
mother

सामने आई बेरहम मां की करतूत, बेटे को 3 साल तक टॉर्चर कर घर से बाहर फेंका हुई मौत

नई दिल्ली। कहते हैं मां अपने बच्चे के लिए सबसे लड़ जाती है। उसकी रक्षा के लिए कुछ भी कर जाती है, लेकिन जब एक मां ही अपने बच्चे के मौत का कारण बन जाए तो सोचिए क्या होगा। ऐसा ही कुछ हुआ उत्तरी दिल्ली में। जहां एक मां अपने 11 साल के अपने बेटे को घर में कैद कर रखा था। इस दौरान व उस मासूम को भूखा-प्यासा रखती और बुरी तरह टॉर्चर करती थी। लेकिन इलाज के दौरान अब बच्चे की मौत हो चुकी है।

यह भी पढ़ें-भावुक हुए पीएम मोदी, कहा- जम्मू कश्मीर में आतंक के खिलाफ लड़ने वालों को याद करने का दिन

तीन साल से घर में कैद कर रखा

इंसानियत को शर्मशार करने वाली यह दर्दनाक घटना उत्तरी दिल्ली के त्रिनगर की नारंग कॉलोनी की है। यहां के गली नंबर पांच में एक महिला अपने पति से अलग होकर 11 साल के बेटे के साथ रहती थी। मां पर आरोप है कि उसने अपने बेटे को तीन साल से घर में कैद कर रखा हुआ था। बेरहम मां उसे खाने-पीने के लिए भी कुछ नहीं देती थी। कई-कई महीने बच्चा भूखा रहता था, जिससे उसका शरीर कंकाल बन गया था।

कंकाल समझकर कुत्ते नोंच रहे थे बच्चे को

पड़ोसियों ने बताया कि मां भी कुछ बीमार लगती थी। 12 तारीख को महिला ने कंकाल बन चुके अपने बेटे मयंक को बाहर धकेल दिया था। तभी पहली बार पड़ोसियों ने बच्चे को इतने सालों बाद देखा था। पड़ोसियों ने बताया कि बच्चे के तन पर एक भी कपड़ा नहीं था। उसे कंकाल समझकर कुत्ते नोंचने जा रहे थे। लेकिन पास में रहने वालीं सास-बहू और बेटी से ये सब देखा नहीं गया। बहू ने अपने बच्चे की स्कूल ड्रेस उसे पहना दी। फिर महिला ने 100 नंबर पर कॉल कर इसकी जानकारी दी। वहीं पाल में रहने वाले दीपक नाम के एक व्यक्ति ने ऐम्बुलेंस की मदद से मयंक को अस्पताल पहुंचाया। इस दौरान मयंक दीपक से कह रहा था, 'भइया मुझे घर मत भेजना। मुझे अपने घर ले जाना।'

यह भी पढ़ें- प्रसिद्ध लिंगायत संत सिद्धलिंग का निधन, दिल का दौरा पड़ने के बाद ली अंतिम सांस

11 साल से बंधक बना रखा था

पुलिस पूछताछ में पड़ोसियों ने बताया कि मां ने 11 साल के मासूम करीब 3 साल से उसे घर में बंधक बनाकर रखा था। उसकी मां आए दिन मयंक को मारा-पीटा करती थी। पुलिस ने बताया कि मयंक के पूरे शरीर पर काटने के निशान भी हैं। उसे कई महीनों तक कुछ भी खाने को नहीं दिया गया था। बता दें कि यह आरोप खुद मयंक की नानी ने लगाए हैं। डॉक्टरों ने बताया कि भूख प्यास से मयंक कुपोषण का शिकार हो गया। डॉक्टरों ने मयंक को एलएनजेपी रेफर कर दिया था। पड़ोसियों का आरोप है कि महिला का बर्ताव खराब है। अस्पताल में इतने दिनों तक कोई भी बच्चे को देखने नहीं आया था। शनिवार सुबह 7 बजे बच्चे की मौत हो गई। फिलहाल पुलिस इस मामले में महिला की मां और अन्य रिश्तेदारों से जानकारी जुटा रही है। इसके बाद ही सामने आएगा कि इसके पीछ की अस्ली वजह क्या है।