
अश्विनी चौबे (फाइल फोटो)
पटना। बिहार में केंद्रीय मंत्री के बेटे की गाड़ी को बिना रोके जाने देना दो पुलिसवालों को महंगा पड़ा। पटना में हुए इस वाक्ये की जानकारी मिलते ही कमिश्नर ने तुरंत दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया। इसके बाद दोनों पुलिसकर्मी संस्पेंड कर दिए गए। मामला केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री अश्विनी चौबे के बेेटे की गाड़ी से जुड़ा था। वहीं, एक सांसद के बेटे का पटना में चालान कर दिया गया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रविवार को पटना में वाहन चेकिंग अभियान चल रहा था। इसका नेतृत्व कमिश्नर आनंद किशोर कर रहे थे। जानकारी के मुताबिक चेकिंग अभियान के दौरान केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे की गाड़ी को जांच के लिए रोका गया।
मंत्री के परिवार वाले स्कॉर्पियो में बैठे हुए थे। बताया जा रहा है कि इस गाड़ी में केंद्रीय मंत्री के बेटे अर्जित चौबे के साथ बहू और पत्नी सवार थीं।
चेकिंग में वाहन रोकने के बावजूद इसपर सांसद लिखा देख वहां मौजूद किसी पुलिस अधिकारी या कर्मी ने आगे बढ़कर इसे जांचने की कोशिश नहीं की। जबकि वाहन में सवार लोग यह सब होता देख इंतजार करते रहे।
इसके बाद गाड़ी को जाने दिया गया। किसी ने यह जानकारी कमिश्नर आनंद किशोर को दी, तो उन्होंने तुरंत आदेश दिया कि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसके बाद आननफानन में वहां तैनात दारोगा देवपाल पासवान और कॉन्सटेबल दिलीप चंद को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया।
वहीं, पटना में एक अगल घटना देखने को मिली। यहां पर पाटलिपुत्र से सांसद रामकृपाल यादव के बेटे ने रविवार को यातायात नियमों का उल्लंघन किया। इसके बाद उनके ऊपर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
Updated on:
08 Sept 2019 05:02 pm
Published on:
08 Sept 2019 04:55 pm
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