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Tarbadi Fencing Scheme: फेंसिंग योजना में अनियमितता! सप्लायर और अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप

Tarbadi Fencing Scheme: किसानों ने कम सामग्री देने और अतिरिक्त राशि वसूलने का आरोप लगाया है। खबर सामने आने के बाद कुछ किसानों को आंशिक राशि वापस किए जाने की बात भी सामने आई है।

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खबर के बाद हितग्राहियों को लौटाए पैसे (photo source- Patrika)

खबर के बाद हितग्राहियों को लौटाए पैसे (photo source- Patrika)

Tarbadi Fencing Scheme: दंतेवाड़ा जिले में उद्यान विभाग द्वारा संचालित तारबाड़ी फेंसिंग योजना में अनियमितता का मामला सामने आया है। दंतेवाड़ा और गीदम ब्लॉक के कई हितग्राहियों ने आरोप लगाया है कि योजना के तहत उन्हें निर्धारित मात्रा से कम सामग्री दी गई और उनसे अतिरिक्त राशि भी ली गई। मामले को लेकर खबर सामने आने के बाद कुछ किसानों को ली गई राशि में से आंशिक पैसा वापस किए जाने की बात भी सामने आई है।

180 पोल दिए जाने का प्रावधान

मामले के अनुसार उद्यान विभाग की ओर से किसानों को फसल सुरक्षा के लिए तारबाड़ी फेंसिंग उपलब्ध कराई जाती है। सरकारी नियमों के मुताबिक प्रत्येक हितग्राही को 28 बंडल तार और 180 पोल दिए जाने का प्रावधान है, लेकिन कई किसानों का आरोप है कि उन्हें केवल 26 बंडल तार और लगभग 160 पोल ही दिए गए।

ग्रामीणों का आरोप है कि उद्यान विस्तार अधिकारी और सप्लायर की मिलीभगत से यह अनियमितता की जा रही है। वहीं इस संबंध में पत्रिका में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद गीदम ब्लॉक के कुछ हितग्राहियों को राशि वापस किए जाने की बात भी सामने आई है।

अधिकारी ने हर किसान को लौटाए 5 हजार, जांच की मांग

हितग्राहियों का कहना है कि उनसे पहले 10 हजार रुपये लिए गए थे। बाद में खबर सामने आने के बाद उद्यान विस्तार अधिकारी मनोज मंडावी द्वारा 5 हजार रुपये वापस किए गए। किसानों के अनुसार उन्हें बताया गया कि यह राशि गिट्टी, सीमेंट और रेत के लिए ली गई थी, जिसका उपयोग फेंसिंग के पोल गाडऩे के कार्य में किया जाएगा। मामले को लेकर किसानों में नाराजगी देखी जा रही है और उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

Tarbadi Fencing Scheme: उचित कार्रवाई की जाएगी

मामले की फील्ड स्तर पर जानकारी मंगाई जा रही है। योजना के तहत हितग्राहियों से कुछ अंशदान लेकर लाभ देने की प्रक्रिया होती है। संबंधित विभाग के अधिकारियों से जवाब तलब कर वास्तविक स्थिति की जानकारी ली जाएगी और यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो उचित कार्रवाई की जाएगी। देवेश ध्रुव, कलेक्टर