
datia fort wall houses bulldozer action ring road project (फोटो- सोशल मीडिया)
Bulldozer Action: दतिया किले की दीवार किनारे वर्षों से बसे 100 से अधिक मकानों पर अब संकट मंडरा रहा है। शुकवार को एसडीएम संतोष तिवारी प्रशासनिक अमले के साथ उक्त आबादी क्षेत्र में पहुंचे और निवासियों को साफ चेतावनी दी कि यदि 7 दिन के भीतर मकान खाली नहीं किए गए तो उन पर बुलडोजर चलाया जाएगा।
दीवार किनारे रह रही यह आबादी लगातार जानमाल के खतरे में है। बारिश और समय के साथ जर्जर हुई रर कभी भी गिर सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए नगरपालिका ने तीन माह पहले नोटिस जारी किए थे। अब शासन की स्वीकृति पर इन परिवारों को ग्राम चितवां में प्लॉट दिए गए हैं। इतना ही नहीं विस्थापित किए जा रहे उपरोक्त परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पहली किश्त की राशि भी खातों में जमा करा दी गई है। (mp news)
जिस क्षेत्र में ये मकान बने हैं, वहां से होकर रिंग रोड का निर्माण (ring road project) प्रस्तावित है। मकान खाली होते ही रिंग रोड का काम शुरु होगा, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था सुधरेगी और भारी वाहनों का दबाव मुय सडक़ों से हटेगा। यह पूरा मामला सिर्फ मकानों को खाली कराने का नहीं, बल्कि लोगों की पीढियों से जुड़ी यादों और नई शुरुआत की चुनौती से भी जुड़ा है। एक ओर विकास की राह है तो दूसरी ओर विस्थापित होने का दर्द। (mp news)
प्रशासन के सामने भी कठिनाई है। एक ओर लोगों की सुरक्षा और शहर विकास की योजना है, तो दूसरी और इन परिवारों का विस्थापन। एसडीएम संतोष तिवारी ने कहा कि प्रशासन सभी को सुरक्षित स्थान पर बसाना चाहता है। सरकार की ओर से मदद दी जा रही है, लेकिन तय समय पर मकान खाली करना जरूरी है। पहले ही काफी समय दिया जा चुका है। (mp news)
प्रभावित परिवारों का कहना है कि अचानक मकान छोडना आसान नहीं है। बुजुर्गों का कहना है कि वे पीढियों से इसी इलाके में रह रहे हैं और यही उनकी जुड़ी हैं। एक महिला ने भावुक होकर कहा हम समझते हैं कि खतरा है, लेकिन नया घर बनने में समय लगेगा। तब तक हम कहां जाएं। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि मिली हुई किश्त से पूरा मकान बनाना संभव नहीं है और उन्हें रहने लायक व्यवस्था बनाने के लिए और समय चाहिए। (mp news)
Updated on:
04 Oct 2025 03:16 pm
Published on:
04 Oct 2025 03:16 pm
