
कुएं को देखते लोग। फोटो: पत्रिका
Dausa News: दौसा जिले के लालसोट कस्बे में कोथून रोड स्थित महाकाली मंदिर के प्रवेश द्वार पर एक पुराना सूखा कुआं जिसे करीब 30 वर्ष पूर्व मिट्टी भरकर बंद कर दिया गया था, गुरुवार को अचानक धंस गया। जब सतह पर खुदाई की गई तो कुआं जस का तस दिखाई दिया। आश्चर्य की बात यह रही कि लगभग 50 फीट गहरे इस कुएं में करीब 10 फीट तक पानी भरा मिला। समय पर पता लगने से बड़ा हादसा टल गया।
व्यापार महासंघ अध्यक्ष दीपक चौधरी, महाकाली सेवा समिति अध्यक्ष शिवशंकर जोशी और दिनेश अग्रीका ने बताया कि दोपहर को मंदिर पहुंचे तो भूमि पर एक बड़ा छेद दिखाई दिया। जांच के लिए लकड़ी और प्लास्टिक पाइप डाले गए जो लगभग 50 फीट अंदर तक चले गए।
उन्हें याद आया कि मंदिर के पुजारी और पूर्वज यहां कुआं होने की बात कहते थे। सूचना पर नगर परिषद आयुक्त नवरत्न शर्मा मौके पर पहुंचे और जेसीबी से खुदाई कराई गई। टाइल्स की सतह हटते ही कुआं दिखाई दे गया।
मंदिर के महंत बनवारीलाल व्यास और रामचरण बोहरा ने बताया कि यह कुआं सैकड़ों वर्ष पुराना है और सूखने पर 30 वर्ष पहले मिट्टी डालकर बंद किया गया था। लगातार अच्छी बारिश के चलते भूमिगत जल स्तर बढ़ने से कुएं की मिट्टी अंदर से धंस गई। फिलहाल सुरक्षा की दृष्टि से स्थल पर बेरिकेटिंग लगाकर कुएं को दोबारा मिट्टी से भरने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
Published on:
10 Oct 2025 12:51 pm
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