
सींगपुरा में टूटा कच्चा बांध। फोटो: पत्रिका
Dausa News: लालसोट क्षेत्र में बहने वाली मोरेल नदी पर सींगपुरा व टोडरवास में दो कच्चे बांध टूट गए। रामगढ़ पचवारा की गोपालपुरा ग्राम पंचायत के गांव सींगपुरा में मोरेल नदी पर ग्रामीणों द्वारा बनाया गया कच्चा बांध गुरुवार देर रात धमाके के साथ टूटने से मोरेल नदी में उफान आ गया।
सोनड़-कल्लावास मार्ग पर बनी रपट पर दिनभर पानी का तेज बहाव होने से इस मार्ग पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद रहा। इसके अलावा कल्लावास से चौपड़ा बालाजी होते हुए तूंगा जाने वाले मार्ग पर भी नदी का बहाव तेज होने से वहां भी यातायात बंद रहा।
सोनड़-कल्लावास मार्ग पर बनी रपट पर सुबह करीब 2 से 3 फीट तक बहाव होने से कोई भी वाहन नही गुजर सका। दोपहर बाद रपट पर थोड़ा जल स्तर कम होने से बड़े वाहनों का ही आवागमन शुरू हो सका। कार व बाइक तो पूरे दिन ही इस रपट से नही गुजर सके। इस दौरान ग्रामीणों की भीड़ भी नजारे का देखने के लिए सींगपुरा एवं रपट पर मौजूद रही।
जानकारी के अनुसार सींगपुरा गांव के पास बहने वाली मोरेल नदी पर गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी पानी का बहाव रोक कर मिट्टी का कच्चा बांध बनाया था। गत वर्ष प्रयास सफल नहीं रहने के बाद इस बार ग्रामीणों ने दोगुने जोश के साथ एकजुटता दिखाते हुए अपने ही स्तर पर करीब 5 लाख रुपए खर्च कर इस वर्ष करीब 500 फीट लंबी मिट्टी की कच्ची पाल को तैयार करते हुए नदी का पानी रोका था, जिससे आने वाले समय में आसपास के करीब एक दर्जन से अधिक गांवों का भूजल स्तर बढ सके।
इस बीच नदी में लगातार पानी की आवक देखकर ग्रामीणों को इसके टूटने की आशंका भी बनी र्हुई थी, इसके चलते ग्रामीण लगातार प्रयास करते हुए बांध पर निगरानी भी कर रहे थे एवं पानी निकासी के लिए 20 पाइप भी लगाए गए, लेकिन गुरुवार रात्रि को बांध टूटने से ग्रामीणों को इस बार भी थोड़ी निराशा हाथ लगी है।
देहलावास एनिकट से कुछ ही दूरी पर नदी में स्थित टोडरवास का कच्चा बांध भी लबालब भर गया था, लेकिन एक-दो दिन से क्षेत्र में हो रही अच्छी बारिश से नदी में पानी की अच्छी आवक होने से रात को अचानक बांध टूट गया। इससे ग्रामीणों की मेहनत से बनाए बांध में भरे पानी की निकासी हो गई। मेहनत पर पानी फिर गया।
बांध टूटने की सूचना मिलने पर रानोली नदी एवं सिसोदिया नदी रपट पर निरीक्षण के लिए रामगढ़ पचवारा तहसीलदार हंसराज मीना की अगुवाई में सहायक प्रशासनिक अधिकारी कृष्णकुमार सैनी, बिछ्या पटवारी तेजप्रकाश मीणा, रमेश चंद मीणा, दुर्गेश सिंह पहुंचे, तहसीलदार ने बताया कि निरीक्षण के दौरान नदी की रपट में पानी एक से डेढ़ फीट था। किसी प्रकार की हानि की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है।
Updated on:
30 Aug 2025 11:26 am
Published on:
30 Aug 2025 11:26 am
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