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मोदी सरकार के खिलाफ बीजेपी विधायक ने खोला मोेर्चा, कहा एससी-एसटी बिल के पहले राममंदिर का बिल आना चाहिए

  विधायक ने ललकारा छह माह बाद चुनाव में जनता सिखाएगी सबक

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atal bihari vajpayee

राजस्थान का सियासी प्याला, इसमें वह सबकुछ जो आप जानना चाहते हैं

दलित वोट बैंक की खातिर सदन में एससी-एसटी बिल सदन में लाने वाली बीजेपी सरकार के लिए यह संशोधन गले की फांस बनता जा रहा। सोशल मीडिया से लेकर अन्य सार्वजनिक मंचों पर इस संशोधन को लेकर बीजेपी की खिलाफत होने लगी है। बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह भी अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिए हैं। एससी-एसटी बिल पर अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने पर विधायक सुरेंद्र सिंह का जिलेवार सम्मान किया जा रहा।
देवरिया में बुधवार को अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा द्वारा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। बलिया के बैरिया क्षेत्र से विधायक सुरेंद्र सिंह ने सीधे बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि बीजेपी को सदन में एससी-एसटी बिल लाकर पास कराने के पहले राममंदिर निर्माण का रास्ता सदन में बिल लाकर पास कराना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि राम हम सबके अराध्य हैं। श्रीराम जन्मभूमि का मामला सदन में बिल लाकर निपटाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि छह माह बाद चुनाव होने वाले हैं। जनता इसका जवाब देगी।
एससी-एसटी बिल में संशोधन की खिलाफत करते हुए विधायक सुरेंद्र सिंह ने सभी दलों को कटघरे में खड़ा किया। कहा कि सवर्ण हो या पिछड़ा या किसी भी समुदाय का जनप्रतिनिधि, सबने इस बिल को पास कराने भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि इस बिल का किसी एक दल के सांसद ने नहीं बल्कि सभी दलों के सांसदों ने समर्थन किया। इसका मैं वैचारिक तौर पर विरोध करता हूं और आगे भी करता रहूंगा।
दलित उत्पीड़न के मामलों में बिना किसी जांच के गिरफ्तारी व अग्रिम जमानत नहीं मिलने पर उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि दलित उत्पीड़न के 70-80 फीसदी मामले फर्जी निकलते हैं। इसलिए ऐसे सभी मामलों में समस्त परिस्थितियों का अध्ययन किया जाना अत्यावश्यक है। बिना जांच की गिरफ्तारी सदैव ही अन्यायपूर्ण साबित होगा। क्योंकि कोई भी किसी को फर्जी केस में फंसा सकता है।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के इतर दूसरी ओर हमारे देश की संसद कहती है कि जांच नहीं हो, पहले जेल भेजा जाए। उन्होंने ललकारा कि ऐ जेल भेजने वाले लोगों, छह महीने बाद चुनाव होने वाले हैं, चुनाव में जनता इसका जवाब देगी।
उन्होंने कहा कि वह किसी एक दल का विरोध नहीं कर रहे। सदन में पास बिल में सभी सांसद शामिल रहे। मैं एक दल का सिपाही हूं लेकिन इस प्रकरण में वैचारिक रूप से विरोध में खड़ा हूं। उन्होंने कहा कि सभी लोग क्षेत्र में जाएं। जाति बचाओ, सम्मान पाओ रैली करें। उन्होंने कहा कि अब अपनी जाति को बचाने का समय आ गया है।