
रिपोर्ट:-सूर्य प्रकाश राय
देवरिया. सीएम योगी के कृषि मंत्री सूर्य ? प्रताश शाही के गांव में उनके चाचा के नाम से बने स्वास्थ्य केन्द्र का हाल ही बेहाल है। यहां पर दिन भर मरीजों का नाम मात्र इलाज किया जाता है और शाम होते ही प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (पीएचसी) बन्द हो जाता है। खास बात है कि पूर्व में मंत्री रहते हुए ही सूर्य प्रताप शाही ने इस स्वास्थ्य केन्द्र का उद्घाटन किया था इसके बाद भी चिकित्सकीय सुविधा को लेकर गांव वालों को अच्छे दिन आने का आज भी इंतजार है।
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देवरिया के पथरेवा विधानसभा क्षेत्र से सूर्य प्रताप शाही विधायक हैं। इसी क्षेत्र से लगातार तीन बार विधानसभा पहुंच चुके हैं। यूपी में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सूर्य प्रताप शाही की वरिष्ठता का ध्यान देते हुए उन्हें कृषि जैसे महत्वपूर्ण विभाग का मंत्री बनाया गया है। सूर्य प्रताप शाही प्रदेश का लगतार भ्रमण करके कृषि व्यवस्था को सुधारने में जुटे हुए हैं, जबकि उनके गांव का ही प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र वेंटीलेटर पर चल रहा है। जिस क्षेत्र ने उन्हें विधानसभा के बाद मंत्री पद तक पहुंचाया है वहां के लोगों को ही इलाज की अच्छी सुविधा न मिले तो निराश होना लाजिमी है। आश्चर्य की बात है कि वर्ष १९७७ में मंत्री रहते हुए सूर्य प्रताप शाही ने अपने स्वर्गीय चाचाय रविन्द्र किशोर शाही के नाम से पीएचसी का उद्घाटन किया था। उस समय माना जा रहा था कि पीएचसी का गंाव वालों को बहुत लाभ होगा और उन्हें अच्छा इलाज मिलेगा। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अखिलेश यादव व मायावती की सरकार में इस पीएचसी का ध्यान नहीं दिया गया। इसके चलते पीएचसी जर्जर अवस्था मेंप पहुंच चुका है। यहां पर आधा दर्जन स्टॉफ को तैनात किया गया है लेकिन शाम के बाद कोई नहीं मिलता है। पत्रिका ने जब पीएचसी की पड़ताल की तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आयी। मौके पर दो ही कर्मचारी मिले। शासनादेश का उल्लंघन करते हुए फार्मासिस्टम मरीजों का इलाज करते मिला। स्वास्थ्य केन्द्र के लोगों ने जब मीडिया को देखा तो पीएचसी में खेल रहे बच्चों को बाहर निकाल दिया गया। पीएचसी में चिकित्सकों व कर्मचारियों के रहने के लिए आवास भी बने हैं लेकिन नहीं रहने से यह आवास जर्जर हो चुके हैं। पीएचसी के प्रभारी चिकित्सक भी यहां आने से कतराते हैं और आये दिन शासन में होने वाली मीटिंग का हवाला देते हुए गायब रहते हैं। सवाल उठता है कि यूपी में बीजेपी की सरकार बने हुए साल भर से अधिक का समय बीत चुका है और यूपी सरकार के मंत्री ही अपने गांव में चाचा के नाम से बने स्वास्थ्य केन्द्र को नया जीवन नहीं दे पा रहे हैं तो प्रदेश भर के किसानों का क्या भला कर पायेंगे।
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