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यहां महिलाओं और बच्चों को खुलेआम परोसा जा रहा है एक्सपायरी फूड

आंगनबाड़ी केन्द्रोंं में एक्सपायरी हो चुके रेडी-टू-ईट का वितरण नौनिहालों और गर्भवती महिलाओं को किया जा रहा है।
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धमतरी

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Deepak Sahu

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Updated: 6 May 2018, 12:29 PM IST

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धमतरी. आंगनबाड़ी केन्द्रोंं में एक्सपायरी हो चुके रेडी-टू-ईट का वितरण नौनिहालों और गर्भवती महिलाओं को किया जा रहा है। ऐसे में कभी भी इनकी सेहत बिगड़ सकती है। इसकी जानकारी विभाग के अधिकारियों को भी है। उनके निर्देश के बाद ही सहायिकाएं बेहिचक इसका वितरण कर रही है। सूत्रों के मुताबिक अब तक 52 हजार से अधिक रेडी-टू-ईट के पैकेट का वितरण किया जा चुका है।

पिछले 5 मार्च से जिले की करीब 22 सौ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपनी 6 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलनरत थी। जिसके कारण आंगनबाड़ी केन्द्रों में ताला लटका हुआ था। करीब 52 दिन तक चले आंदोलन की वजह से आंगनबाड़ी केन्द्रों में रखा रेडी-टू-ईट एक्सपायरी हो गया हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओंं के हड़ताल के वापस लौटने के बाद पेडिंग पड़े रेडी-टू-ईट का वितरण गर्भवती महिलाओं और नौनिहालों को किया जा रहा है।

कई बच्चे बीमार

जिस कारण कई बच्चे बीमार भी हो रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार जिले में 1106 आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित हो रहे हैं। जहां 3 से 6 साल के बच्चों की दर्ज संख्या करीब 23 हजार है। इसके अलावा 0 से 3 साल तक बच्चों को भी रेडी-टू-ईट का वितरण किया जा रहा है। इस तरह जिले में गर्भवती महिलाओं और बच्चों को मिलाकर अब तक करीब 52 हजार से अधिक लोगों को रेडी-टू-ईट का वितरण किया गया। शनिवार को पत्रिका ने शहर के हटकेशर, शीतलापारा और सुभाष नगर वार्ड के आंगनबाड़ी केन्द्रों की पड़ताल की।

दुर्गा साहू ने कहा कि अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह में रेडी-टू-ईट का वितरण किया गया है। इसका सेवन करने पर तबियत खराब होने की संभावना बनी हुई है। यह एक गंभीर मामला है। जिला प्रशासन को इस पर तत्काल कार्रवाई करना चाहिए।


शकुन बाई, निर्मलकर ने बताया कि खराब हो चुके रेडी-टू-ईट का सेवन करने से गर्भवती महिलाआ और बच्चों को नुकसान हो सकता है। जानकारी होने के बाद भी इसका वितरण करना गंभीर अपराध की श्रेणी मेंं आता है।

शीतलापारा आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक-1 तथा 2 में भी करीब 40 पैकेट से अधिक रेडी-टू-ईट का पैकेट बचा हुआ है। बताया गया है कि अधिकारियों के निर्देश के बाद कुछ पैकेट का वितरण भी कर दिया गया है। हटकेश्वर स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक-1 और 2 मेंं रेडी-टू-ईट के पैकटों का वितरण किया गया। बताया गया है कि परियोजना अधिकारी को शेष बेच पैकटों को वापस कर नया पैकेट मंगाने के लिए डिमांड नोट भी भेजा गया, लेकिन अधिकारी इसी पैकेट को खपाने के जुगत मेंं लगे हुए हैं।


परियोजना अधिकारी हरिकीर्तन राठौड ने बताया की निर्माण के तीन माह बाद रेडी-टू-ईट एक्सपायर्ड होते हैं। 50 दिनों में इनके खराब होने का सवाल ही नहीं उठता है। आंगनबाडिय़ों में बच्चे हुए रेडी-टू-ईट को उपयोग करने कहा गया है।