
Diwali 2024: छत्तीसगढ़ के धमतरी शहर में बारूद का खतरा सताने लगा है। स्थाई पटाखा दुकानों में गोदाम जैसा स्टाक रखा गया है। वहीं अस्थाई पटाखा दुकान के लिए चिन्हांकित मिशन मैदान में नियमों की अनदेखी हो रही है। विडंबना है कि जिम्मेदार अधिकारी जांच में निकलने से भी कतरा रहे। इधर शहर में पटाखों की बिक्री जोर-शोर से शुरू हो गई है।
Diwali 2024: कुछ वर्ष पूर्व पुराना बस स्टैंड के पीछे एक पटाखा दुकान में आगजनी की घटना हुई थी। कुछ साल तक दिवाली में सतर्कता बरती गई। इसके बाद अब फिर से बारूद के खतरे को प्रशासन अनदेखा कर रही है। पुराना बस स्टैंड नेशनल हाइवे में सड़क किनारे घनी आबादी के बीच एक पटाखा दुकान में गोदाम जैसा स्टाक रखा गया है।
Diwali 2024: दुकान के ऊपर व तल घर में भी भारी मात्रा में पटाखा जमा है। बाजू से गुजरे गली में भी चैनल गेट के भीतर रूम में भारी मात्रा में पटाखा डंप है। थोक के साथ चिल्हर बिक्री भी यहां से हो रही है। हल्की सी चूक हुई और बड़ी घटना तय है। इसी तरह पुराना बस स्टैंड के पीछेे मोटर स्टैंड वार्ड में भी यही हाल है। यहां भी भारी मात्रा में पटाखा डंप है। यहां आगजनी हुई तो फायर ब्रिगेड वाहन घुसना भी मुश्किल है।
उक्त दुकानों में सुरक्षा के पर्याप्त उपाय भी नहीं किए गए हैं। आधी बोरी रेत और एक बाल्टी पानी रखकर बारूद के ढेर को बुझाने का असफल तैयारी किया गया है। इसकी जानकारी प्रशासन को भी है। इसके बावजूद यहां कार्रवाई नहीं होना अनहोनी घटना को न्यौता देने जैसा है।
शहर व आसपास पटाखों के कई वैध, अवैध गोदाम है। पटाखा बनाने की तैयारी चार महीने पहले शुरू हो जाती है। अब तो बनाना बंद कर पैकिंग की जा रही है। इधर जिम्मेदार अधिकारी गोदाम चेकिंग में भी नहीं निकले। निर्माताओं की अनदेखी से ज्यादा अधिकारियों की अनदेखी भारी पड़ रही है। पुराना बस स्टैंड, आमापारा, दानीटोला सोरिद वार्ड, ग्राम श्यामतराई, सोरम-भटगांव, बरारी, जोगीडीह, दर्री, कोटाभर्री, अरौद (डु) समेत आसपास के क्षेत्रों में गोदाम बनाकर भारी मात्रा में पटाखों का निर्माण होता है। प्रशासन की टीम यहां झांकने तक नहीं पहुंची।
भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय (औद्येगिक नीति और संवर्धन विभाग) द्वारा वर्ष-2008 में पटाखा विक्रय और निर्माण को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत प्रत्येक विनिर्माता पटाखों के बाक्स पर उसके रसायन परिणाम, ध्वनिस्तर (डेसीबल) का ब्यौरा लिखा होना चाहिए। आतिशबाजी का विनिर्माण एक मंजिले भवन में किया जाएगा और भवन के सभी दरवाजे बाहर की तरफ खुलेंगे।
इस्पात भरण या लोह बोरिंग या मैग्नीशियम धातु को नम अवस्था में अन्य रसायनों के साथ मिश्रित करने से पूर्व अलसी के तेल या पैराफीन मोम या गमर से लेपित किया जाना चाहिए। फुलझड़ियों की तारें जीआई की होगी या तांबे से लेपित होंगे। विक्रेता को पटाखा स्टाक के अनुरूप अनहोनी घटना से निपटने रेत, पानी सहित फायर इंस्टीगेटर रखना है।
साथ ही गोदाम के बाहर सूचना बोर्ड भी चस्पा करना है, जिसमें गोदाम मालिक का मोबाइल नंबर, फायर ब्रिगेड का नंबर, संबंधित थाना का नंबर लिखा गया हो। अस्थाई पटाखा दुकानों में तीन मीटर की दूरी होनी चाहिए। आतिशबाजी की दुकानें आमने-सामने नहीं होनी चाहिए। प्रकाश के लिए तेल, लैंप, गैस लैंप एवं खुली बिजली बत्तियों के उपयोग पर बैन है। जल्द ही टीम भेजकर संबंधित स्थानों में जांच कराएंगे। जहां खामियां होगी वहां कार्रवाई करेंगे। नियम-कानून के दायरे में ही पटाखा बेचे जाएंगे। पवन प्रेमी, एसडीएम
Updated on:
27 Oct 2024 02:25 pm
Published on:
27 Oct 2024 02:24 pm
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