
अवैध संबंध के शक में कर दी थी पत्नी की हत्या, जब जेल से छूटकर आया तो पड़ोसियों ने उतार दिया मौत के घाट
धमतरी. छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में तीन सगे भाईयों ने मिलकर एक युवक की हत्या कर दी। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि मृतक ने पूर्व में अपनी पत्नी की हत्या कर दी थी। उसे संदेह था कि आरोपी शिवचरण ध्रुव के साथ उसका अवैध संबंध है। जेल से रिहा होने के बाद भारत उसे घुर-घुरकर देखता था और पिछले दिनों उसके मकान में आग लगाने का प्रयास भी किया था।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों बरारी नहर के पास संदेहास्पद स्थिति में भारत निषाद की लाश मिली थी। पुलिस को संदेह था कि किसी ने हत्या की होगी। इसके बाद ही जांच शुरू कर दी थी। जल्द ही सायबर सेल और अर्जुनी पुलिस की संयुक्त टीम ने इस घटना में लिप्त अपराधी तक पहुंचने में सफलता भी प्राप्त कर ली। पुलिस ने बताया कि बरारी निवासी भारत निषाद की गांव के ही शिवचरण ध्रुव के साथ आपसी रंजिश चल रही थी। भारत को संदेह था कि उसकी पत्नी का पड़ोसी शिवचरण के साथ अवैध संबंध है। इस बात को लेकर अक्सर घर में दोनों पति-पत्नी के बीच विवाद भी होता था।
वर्ष-2002 में एक दिन विवाद बढऩे के बाद भारत ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी। इस मामले में उसे सजा भी हुई। कुछ महीने पहले ही वह अपनी सजा काटकर वापस गांव आया था। पुलिस ने आगे बताया कि भारत जेल से आने के बाद शिवचरण के साथ अदावत रखने लगा। बदले की आग में वह 17 जुलाई की रात शिवचरण के घर पहुंच गया, लेकिन संयोग से वह नहीं मिला, तो उसने घर को आग लगाने खिड़की के अंदर जलती हुई आग फेंक दिया। इस घटना में घर में रखा राशन कार्ड, आधार कार्ड, जॉब कार्ड, मतदाता परिचय पत्र आदि जलकर नष्ट हो गया।
इस बीच अचानक भागते हुए शिवचरण की नजर उस पर पड़ गई। फिर क्या था, शिवचरण ने अपने भाई ईश्वर ध्रुव और नरसिंग ध्रुव से मिलकर एक साजिश की, जिसके तहत तीनों भाईयों ने भारत बरारी नहर के पास ले गए और सब्बल तथा लाठी से हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद सड़क में फैले खून के धब्बों को मिटाने के लिए उन्होंने डीजल डालकर जलाने का प्रयास भी किया। इसके बाद लाश को सड़क के नीचे खाई में फेंक दिया और घर चले आए।
गुरूवार को शिवचरण ध्रुव (48), उसके भाई ईश्वर ध्रुव (45), नरसिंग ध्रुव (42) पिता जोहन को पुलिस ने मीडिया के समक्ष पेश किया। इसके बाद धारा 302 के तहत उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
इस ब्लंड मर्डर को सुलझाने के लिए अर्जुनी पुलिस और साइबर सेल ने 50 से ज्याद लोगों से पूछताछ की। क्लू ढूंढने मुखबिरों का जाल बिछाया गया, इस बीच कई अहम सुराग मिले। घटनाक्रम को जोड़ते-जोड़ते अंतत: पुलिस का हाथ शिवचरण तक पहुंच गया। उसे हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि यह कृत्य वह अपने दो सगे भाईयों के साथ मिलकर किया है।
Published on:
3 Aug 2018, 12:33 PM IST
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