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12.64 करोड़ की सड़क बनी मुसीबत, जगह-जगह गड्ढों से नेशनल हाइवे पर सफर मुश्किल

CG News: धमतरी शहर के भीतर सेहराडबरी से श्यामतराई तक नेशनल हाइवे का दस साल बाद प्लॉट हुआ। 12.64 करोड़ की लागत से 9.64 किमी डामर सड़क का निर्माण किया गया।

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12.64 करोड़ की सड़क बनी मुसीबत, जगह-जगह गड्ढों से नेशनल हाइवे पर सफर मुश्किल(photo-patrika)

12.64 करोड़ की सड़क बनी मुसीबत, जगह-जगह गड्ढों से नेशनल हाइवे पर सफर मुश्किल(photo-patrika)

CG News: छत्तीसगढ़ के धमतरी शहर के भीतर सेहराडबरी से श्यामतराई तक नेशनल हाइवे का दस साल बाद प्लॉट हुआ। 12.64 करोड़ की लागत से 9.64 किमी डामर सड़क का निर्माण किया गया। वर्ष-2013 में निर्माण के लिए वर्कशॉपआर्डर जारी हुआ। 7 जून 2024 तक निर्माण का काम पूरा हुआ। यह सड़क 5 साल के लिए गारंटी पीरियड पर है। वर्तमान में सड़क की हालत बेहद खराब हो गई है। जगह-जगह से सड़क उखड़ गई है। कई जगह गड्ढे हो गए हैं।

CG News: ठेकेदार नहीं करवा रहा मरम्मत

नेशनल हाइवे होने के बाद भी गड्ढों की मरम्मत नहीं हो रही है। पिछले 3 महीने से उभरे डेमोक्रेटिक को अब तक नहीं भरा जा सका। यहां सड़क पर लोग समर्थकों के कारण हिलोले खा रहे हैं। सेहरादबरी से पावर हाउस तक की सड़क में 22 से अधिक छोटे-छोटे टुकड़े मिले। पुरानी मंडियों का सामने आना 6 इंच तक एक गड्ढा हो गया है। इस गड्ढे के कारण बीते सप्ताह एक ई-रिक्शा पलट गई। कुछ दूर आगे सड़क के ऊपर डामर का लेप लगाया गया है।

इससे सड़क असमतल हो गई है। यहां गाड़ियां उछल रही है। छोटे वाहनों के लिए यह असमतल सड़क और गड्ढा भारी पड़ रहा है। सेहराडबरी से श्यामतराई तक 9.64 किमी सड़क गारंटी पीरियड में है। ठेकेदार द्वारा बारिश समाप्त होने के बाद सड़क मरम्मत किया जाएगा। इसके लिए ठेकेदार को निर्देशित करेंगे। पूर्व में पेंच भराई का काम हुआ था। एमडी पैकरा एसडीओ पीडब्ल्यूडी विभाग धमतरी

बंद है कई लाइट, झुक गए पोल

नेशनल हाइवे डिवाइडर के ऊपर पोल लगाकर रौशनी की व्यवस्था की गई है। अर्जुनी चौक से लेकर श्यामतराई तक 25 से अधिक पोल की लाइट बंद है। रात 10 बजे के बाद अंधेरा छा जाता है। दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। अनेक पोल वाहनों की ठोकर से झुक गए हैं। ऐसे पोल भी दुर्घटना को न्यौता दे रहे हैं। सड़क में मवेशियों का डेरा होने से आए दिन हादसे की खबरें भी आ रही है। पावर हाउस, म्युनिसिपल स्कूल चौक, सोरिद पुल के पास ज्यादातर हादसे हो रहे। यहां अक्सर सड़क पर मवेशी बैठे रहते हैं।

कई आंदोलन के बाद बनी थी सड़क

शहर से गुजरे नेशनल हाइवे 30 की हालत वर्षों से बेहद खराब थी। सड़क निर्माण को लेकर सालों तक राजनीति हुई। भाजपा-कांग्रेस दोनों ने इस सड़क के लिए पूर्व में प्रदर्शन किया था। छात्र संगठन ने भी आंदोलन कर शासन-प्रशासन से मांग रखी थी। चैम्बर ऑफ कामर्स ने भी जिला प्रशासन से शिकायत कर सड़क जीर्णोद्धार की मांग रखी थी।

छोटे-मोटे प्रदर्शन के अलावा चक्काजाम भी हुआ था। 10 साल बाद 2023 में सड़क निर्माण के लिए टेंडर हुआ। सड़क निर्माण शुरू होने पर लोगों ने भी राहत ली, लेकिन निर्माण के बाद से ही जगह-जगह सड़क धंसने लगी थी। इसे लेकर कांग्रेसियों ने प्रदर्शन भी किया था। अभी भी कई जगह सड़क धंसी हुई है। लोगों को परेशानी हो रही है।