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MP Ajab Hai सफेद हाथी पालने से भी महंगा पड़ रहा लाल घोड़ा

हार्स राइडिंग टीचर की अजीब दास्तान, वेतन के बदले थमा दिया घोड़ा, पालने में परेशान हो रहा हार्सराइडर

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धार

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deepak deewan

Jul 21, 2021

Dhar Horse Story Indian Horse red horse of dhar

Dhar Horse Story Indian Horse red horse of dhar

धामनोद (धार). एमपी वाकई अजब—गजब है। आपने सफेद हाथी पालने की कहावत जरूर सुनी होगी लेकिन यहां एक लाल घोड़ा सफेद हाथी पर भारी पड़ रहा है। एक हार्स राइडिंग टीचर बमुश्किल इस घोड़े को पाल रहा है। घोड़े का हजारों रुपए का खर्च है, साथ ही अन्य कई मुश्किलें भी सामने आ रही हैं।

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दरअसल एक हार्स राइडिंग टीचर की निजी स्कूल से नौकरी छूट गई। छह माह से वेतन भी नहीं मिला। जब उसने अपने ठेकेदार से वेतन मांगा तो वह घोड़ा देकर कुछ दिन में आने का बोलकर चला गया। उसके बाद वह वापस नहीं लौटा। अब बेरोजगार खुद के अलावा घोड़े का खर्च भी वहन कर रहा है। हिमालय स्कूल में हॉर्स राइडिंग के ठेकेदार सचिन राठौर के अधीनस्थ कार्य करने वाले अर्जुन कटारे को न तो वेतन मिल रहा है ना ही घोड़ा वापस ले जा रहा है।

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अर्जुन के पिता मोहन कटारे ने बताया कि 15 दिन से घोड़ा हमारे पास है। हमारा बेटा जब मात्र 14 साल का था तब से वहां पर कार्य कर रहा है। अर्जुन ने लॉक डाउन में भी वहां पर लगातार कार्य किया। ऐसे में घोड़ा तो अपने घर कुंडा ग्राम में लेकर आ गए लेकिन उसके खर्च को वहन नहीं कर पा रहे है। 18 हजार रुपए मालिक से लेना बाकी है लेकिन अब प्रतिदिन देखरेख में 100 रुपए से अधिक का खर्च करना पड़ रहा है।

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स्कूल प्रबंधक ने मामले में अपनी जिम्मेदारी को नकार रहा है। वेतन की बात को लेकर हिमालय स्कूल के जवाबदारों से भी चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि हार्स राइडिंग का ठेका स्कूल द्वारा दिया हुआ था। स्कूल प्रबंधक का कोई लेना-देना नहीं है। इस संबंध में ठेकेदार सचिन राठौर ने बताया एक-दो दिन में घोड़े को ले जाएंगे और बचा वेतन दे देंगे।

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