
आषाढ़ अमावस्या 2024 शुक्रवार
Ashadha Amavasya 2024 Date: हिंदू पंचांग के अनुसार यह आषाढ़ माह चल रहा है, इसकी अमावस्या तिथि 5 जुलाई 2024 शुक्रवार को है। अमावस्या व्रत पूजा सूर्योदय के समय होती है। इसलिए उदयातिथि में आषाढ़ अमावस्या 18 जून को मनाई जाएगी। इस दिन स्नान, दान और पूजा पाठ किया जाएगा। हालांकि इससे एक दिन पहले दर्श अमावस्या मनाई जाएगी।
प्रयागराज के आचार्य प्रदीप पाण्डेय के अनुसार आषाढ़ अमावस्या 2024 तिथि की शुरुआत 5 जुलाई सुबह 4.57 बजे से हो रही है और यह तिथि 6 जुलाई सुबह 4.26 बजे तक रहेगी। उदया तिथि में आषाढ़ अमावस्या का स्नान दान पूजा पाठ पांच जुलाई शुक्रवार को होगा।
पंचांग के अनुसार आषाढ़ अमावस्या के दिन पवित्र नदी में स्नान का शुभ मुहूर्त ब्रह्म मुहूर्त यानी सूर्योदय से पूर्व है। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04.08 बजे से सुबह 05.29 बजे तक है।
आषाढ़ अमावस्या के दिन दान का शुभ मुहूर्त सुबह 07.13 बजे से सुबह 08.57 बजे तक है। इसके बाद सुबह 08.57 बजे से सुबह 10.41 बजे तक दान करना उत्तम रहेगा। दान का अभिजीत मुहूर्त शुक्रवार 5 जुलाई सुबह 11.58 बजे से दोपहर 12.54 बजे तक है।
आचार्य प्रदीप पाण्डेय के अनुसार आषाढ़ अमावस्या को पितरों के निमित्त पूजा और पिंडदान, श्राद्ध तर्पण करना शुभ फल देने वाला होता है। इस दिन सुबह स्वच्छ वस्त्र पहनकर पितरों की प्रसन्नता के लिए हाथ में कुश की पवित्री लें और तिल जल से पितरों को तर्पण करें। इससे पितृ संतुष्ट होते हैं और पितृ दोष दूर होता है।
आषाढ़ अमावस्या के दिन पितरों के देव अर्यमा की पूजा की जाती है, मान्यता के अनुसार वे इंद्र देव के भाई हैं। पितृ दोष दूर करने के लिए अमावस्या पर अर्यमा की पूजा की जाती है। इसके लिए अमावस्या के दिन स्नान के बाद पीपल के पेड़ की पूजा की जाती है और उसे जल अर्पित किया जाता है। इससे व्यक्ति को देवताओं का आशीर्वाद मिलता है। पितरों की नाराजगी दूर होने से परिवार की तरक्की होती है और संतान प्राप्ति में बाधा समेत कई अन्य समस्याएं भी दूर हो जाती हैं।
Updated on:
4 Jul 2024, 10:16 PM IST
Published on:
18 Jun 2023, 1:22 PM IST
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