27 सितंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

शुक्रवार सूर्यास्त के बाद कर लें ये तांत्रिक उपाय, पूरे होने लगेंगे सारे काम

Dhan Prapti ke Achuk Upay in Shukrawar : शुक्रवार सूर्यास्त के बाद कर लें ये तांत्रिक उपाय, पूरे होने लगेंगे सारे काम
3 min read
Google source verification

भोपाल

•

image

Shyam Kishor

•

Nov 21, 2019

शुक्रवार सूर्यास्त के बाद कर लें ये तांत्रिक उपाय, पूरे होने लगेंगे सारे काम

शुक्रवार सूर्यास्त के बाद कर लें ये तांत्रिक उपाय, पूरे होने लगेंगे सारे काम

तंत्र शास्त्र में कुछ ऐसे उपाय, टोने-टोटके के रूप में दिए है जिनका प्रयोग करके कोई भी धनवान बनकर अपनी गरीबी से छुटकारा पा सकता है। शुक्रवार का दिन धन की देवी माता लक्ष्मी की पूजा आराधना के लिए विशेष दिन माना जाता है। अगर इस दिन सूर्यास्त के बाद इन अचूक तांत्रिक टोने-टोटके का प्रयोग करने से प्रयोगकर्ता के सारे मनचाहे कार्य बनने लग जाते हैं।

शुक्रवार के दिन सूर्यास्त के बाद स्नान करके श्वेत वस्त्र पहनकर अपने घर के पूजा स्थल पर बैठ जाएं एवं गाय के घी का दीपक जलाकर माता लक्ष्मी का विधिवत आवाहन पूजन करें। पूजन के बाद इस मंत्र का जप एक हजार बार लाल चंदन या स्फटीक की माला से करें। जप पूर्णतः शांत मौन वातावरण में करने से शीघ्र सकारात्म परिणाम मिलते हैं।

महालक्ष्मी मंत्र- "ॐ श्रीं"

उपरोक्त लक्ष्मी बीज मंत्र जप के अलावा नीचे दिए इन मंत्रों का जप भी 24-24 बार करें।

- श्री धान्य लक्ष्मी के इस मंत्र "ॐ श्रीं क्लीं" का एक हजार बार जप करने से जीवन में धन और धान्य भरपूर मिलता है।

- श्री धैर्य लक्ष्मी– ये जीवन में आत्मबल और धैर्य को संबोधित करती है तथा इनका मूल मंत्र है– "ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं"।।

- श्री गज लक्ष्मी– ये जीवन में स्वास्थ और बल को संबोधित करती है तथा इनका मूल मंत्र है– ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं।।

- श्री संतान लक्ष्मी – ये जीवन में परिवार और संतान को संबोधित करती है तथा इनका मूल मंत्र है– ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं।।

- श्री विजय लक्ष्मी यां वीर लक्ष्मी– ये जीवन में जीत और वर्चस्व को संबोधित करती है तथा इनका मूल मंत्र है– ॐ क्लीं ॐ।।

- श्री विद्या लक्ष्मी– ये जीवन में बुद्धि और ज्ञान को संबोधित करती है तथा इनका मूल मंत्र है– ॐ ऐं ॐ।।

- श्री ऐश्वर्य लक्ष्मी– ये जीवन में प्रणय और भोग को संबोधित करती है तथा इनका मूल मंत्र है– ॐ श्रीं श्रीं।।

शुक्रवार को सूर्यास्त के बाद उक्त सभी मंत्रों का जप करने के बाद दूसरे दिन गरीबों को फल या भोजन का दान जरूर करें। माता लक्ष्मी की कृपा से कुछ ही दिन में सभी कामनाएं पूरी होने लगेगी।

********