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अपने घर पर ही भगवान गणेश को चढ़ा दें ये चीज, जो चाहे लगेगा मिलने

बुधवार को अपने घर में करें गणेश जी का ऐसे पूजन
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भोपाल

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Shyam Kishor

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Updated: 14 Apr 2020, 2:08 PM IST

अपने घर पर ही भगवान गणेश को चढ़ा दें ये चीज, जो चाहे लगेगा मिलने

अपने घर पर ही भगवान गणेश को चढ़ा दें ये चीज, जो चाहे लगेगा मिलने

अगर मन की हर इच्छा पूरी करना चाहते हैं तो बुधवार के दिन प्रथम पूजनीय भगवान श्री गणेश जी का विधि-विधान से पूजन करके ये चीज चढ़ा दें। सारे विघ्नों को हरने वाले विघ्नहर्ता करेंगे हर इच्छा पूरी। बुधवार के दिन सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त के बीच सुविधानुसार आवाहन् पूजन के बाद नीचे दिए गणेश मंत्रों का जप करके गणेश जी को ये दो चीज अर्पित करें।

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इन गणेश मंत्रों का जप करें

गणेश जी के इन मंत्रों को बुधवार के दिन जपने से अन्य दिनों की अपेक्षा कई गुणा लाभ मिलता है। मंत्र जप सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच लाल चंदन की माला से ग्यारह सौ (1100) बार करना है। मंत्र जप के समय शुद्ध घी का दीपक जिसमें बाती लाल कलावा की हो जलाकर रखें।

1- इस मंत्र के जप से कई मनोकामनाएं पूर्ण होने लगती है।

।। ॐ अन्तरिक्षाय स्वाहा।।

2- वाद-विवाद, कोर्ट कचहरी में विजय प्राप्ति के लिए एवं शत्रु भय से छुटकारा पाने के लिए इस मंत्र का जप 108 बार 11 दिन तक करें।

।। ॐ गं गणपतये सर्वविघ्न हराय सर्वाय सर्वगुरवे लम्बोदराय ह्रीं गं नमः।।

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3- इस मंत्र के जप से यात्रा में सफलता मिलती है।

।। ॐ नमः सिद्धिविनायकाय सर्वकार्यकर्त्रे सर्वविघ्न प्रशमनाय सर्व राज्य वश्य कारनाय सर्वजन सर्व स्त्री पुरुषाकर्षणाय श्री ॐ स्वाहा।।

4- यह हरिद्रा गणेश साधना का चमत्कारी मंत्र हैं, इसके जप से सर्वत्र मंगल ही मंगल होता है।

।। ॐ हुं गं ग्लौं हरिद्रा गणपत्ये वरद वरद सर्वजन हृदये स्तम्भय स्वाहा।।

5- इस मंत्र का श्रद्धापूर्वक जप करने से गृह कलेश दूर होता है एवं घर में सुखशान्ति बनी रहती है।

।। ॐ ग्लौं गं गणपतये नमः।।

6- इस मंत्र के जप से दरिद्रता का नाश होकर, धन प्राप्ति के प्रबल योग बनने लगते हैं।

।। ॐ गं लक्ष्म्यौ आगच्छ आगच्छ फट्।।

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7- व्यापार से सम्बन्धित बाधाएं एवं परेशानियां निवारण एवं व्यापर में निरंतर उन्नति हेतु।

।। ॐ गणेश महालक्ष्म्यै नमः।।

8- भयानक असाध्य रोगों से परेशानी होने पर, उचित ईलाज कराने पर भी लाभ प्राप्त नहीं हो रहा हो, तो पूर्ण विश्वास सें इस मंत्र का जप करने से या किसी साधक से करवाने पर रोगी धीरे-धीरे रोगी रोग मुक्त हो जाता है।

।। ॐ गं रोग मुक्तये फट्।।

ये दो चीज करें गणेश जी को अर्पित

उपरोक्त मंत्रों में से अपनी कामना अनुसार, किसी भी मंत्र का जप करने के बाद गणेश जी को घर के बने ताजे मोदक एवं ताजी दुर्वा का भोग लगावें।

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