
हिंदू-धर्म में वैशाख (बैसाख) को एक पवित्र माह माना जाता है। वैशाख माह 08 अप्रैल 2020 से शुरू होकर 07 मई 2020 तक रहेगा। इस महीने में भगवान लक्ष्मीनारायण के साथ भगवान शिव के पूजन का विशेष विधान है। वहीं वैशाख के सोमवार भी सावन व कार्तिक के सोमवार की तरह अपना खास महत्व रखते हैं। मान्यता के अनुसार इन दिनों भगवान शिव का पूजन विशेष कृपा प्रदान करता है।
पंडित सुनील शर्मा के अनुसार यदि वैशाख (बैसाख) महीने में प्रात: स्नान के बाद कुछ खास विधि से भगवान भोलेनाथ का पूजन किया जाए तो सारे दुख और दारिद्र दूर हो जाते हैं। पूजन से प्रसन्न होकर महादेव अपने भक्तों को मालामाल कर देते हैं। इस बार 08 अप्रैल 2020 से बैसाख का पवित्र महीना शुरू हो गया है। आइए आपको बताते हैं कि किस तरह पूजन से भोलेनाथ अपने भक्तों की हर बिगड़ी बना देते हैं।
बैसाख में भगवान शिव की पूजन विधि
पं. शर्मा के अनुसार शिवलिंग ब्रम्हांड का प्रतीक हैं। वैशाख माह में शिवलिंग के ऊपर पानी का कलश या घड़ा स्थापित करना चाहिए। इस घड़े से पानी शिवलिंग पर जिस तरह बूंद-बूंद गिरता है, वैसे ही आपकी समस्याएं पानी की तरह बहकर दूर हो जाती हैं।
मान्यता है कि वैशाख माह में प्रात: काल स्नान करके भगवान शिव का जल और दूध से अभिषेक करने से ग्रह बाधाएं दूर होती हैं। सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है। पं. शर्मा के अनुसार भगवान भोलेनाथ जल्द प्रसन्न होने वाले देवता हैं। थोड़े से पूजन से ही वे भक्तों पर कृपा बरसाने लगते हैं।
वैशाख माह में शिवजी के जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक के साथ उन्हें उनका प्रिय पुष्प आक, धतूरा और बेलपत्र आदि अर्पित करना चाहिए। शिवजी को ऋतु फलों का भोग अर्पित करना चाहिए। इस महीने में घड़ा, सत्तू, तरबूज आदि दान करने से शारीरिक व्याधियों से छुटकारा मिलता है।
मान्यता: भोलेनाथ को प्रसन्न करने के खास उपाय
- छोटा सा पारद (पारा) शिवलिंग लेकर आएं और घर के मंदिर में इसे स्थापित करें। इसकी प्रतिदिन पूजा करें। इस उपाय से घर की दरिद्रता दूर होती है और लक्ष्मी कृपा बनी रहती है।
- घर के मंदिर में जल, दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से पारद शिवलिंग को स्नान कराएं। कम से कम 108 बार ओम नम: शिवाय मंत्र का जाप करें..। इससे हर काम सिद्ध हो जाएंगे।
- यदि आप बहुत जल्दी सफलता पाना चाहते हैं तो रोज़ पारे से बने छोटे से शिवलिंग की पूजा करें। पारद शिवलिंग बहुत चमत्कारी होता हैं।
- वैशाख माह में किसी सुहागिन को साड़ी, चूडिय़ां, कुमकुम आदि सुहाग की सामग्री उपहार में दें। जो लोग यह उपाय करते हैं, उनके वैवाहिक जीवन की समस्याएं दूर होती हैं।
- जल में केसर मिलाएं और ये जल शिवलिंग पर चढ़ाएं। इस उपाय से विवाह और वैवाहिक जीवन से जुडी समस्याएं खत्म होती हैं।
- बीमारियों के कारण परेशानियां खत्म ही नहीं हो रही हैं, तो पानी में दूध और काले तिल मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। यह उपाय चमत्कारी है।
- शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय इसमें काले तिल मिलाएं। इस उपाय से शनि दोष और रोग दूर होते हैं।
- बैसाख महीने में किसी जरूरतमंद या सुपात्र ब्राम्हण को सवा किलो या सवा पांच किलो या 11 किलो या 21 किलो गेहूं या चावल का दान करें।
- बिल्वपत्रों पर चंदन से ओम नम: शिवाय या श्रीराम लिखें। इसके बाद इन पत्तों की माला बनाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं, माना जाता है इससे हर काम सिद्ध हो जाते हैं।
- शिवलिंग पर रोज़ धतूरा चढ़ाने से घर और संतान से जुडी समस्याएं दूर होती हैं। ये उपाय संतान को सभी कार्यों में सफलता दिलवाता है।
- नियमित रूप से आंकड़े के फूलों की माला बनाकर शिवलिंग पर चढ़ाते हैं, तो आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं।
- लक्ष्मी की स्थायी कृपा पाना चाहते हैं तो शिवलिंग पर रोजाना साबुत चावल चढ़ाएं, इससे आपका भंडार सदा भरा रहेगा।
- जो लोग बिल्व वृक्ष के नीचे खड़े होकर खीर और घी का दान करते हैं, उन्हें महालक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। ऐसे लोग जीवनभर सुख-सुविधाएं प्राप्त करते हैं और कार्यों में सफल होते हैं।
- किसी जरूरतमंद व्यक्ति को अनाज, घड़े व सत्तू आदि देने से शास्त्रों में बताया गया है कि इससे सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
- वहीं अक्षय तृतीया पर शिवजी के पूजन के उपरांत अनाज का दान करें। पानी के प्याऊ, पोंसरे आदि की स्थापना कराएं, या इसमें मदद करें। इससे अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।
- शिवपुराण के अनुसार बिल्व वृक्ष महादेव का रूप हैं। इसलिए इसकी पूजा करें। फूल, कुमकुम, प्रसाद आदि चीज़ें विशेष रूप से चढ़ाएं। इसकी पूजा से जल्दी शुभ फल मिलते हैं। बिल्व वृक्ष के नीचे दीपक जलाना भी मंगलकारी होता है।
- जल चढ़ाते समय शिवलिंग को हथेलियों से रगडऩा चाहिए। इस उपाय से किसी की भी किस्मत बदल सकती है।
- यदि आप लंबी उम्र चाहते हैं तो शिवलिंग पर रोज दूर्वा चढ़ाएं। इससे शिवजी और गणेशजी की कृपा से सुख-समृद्धि भी बढ़ती हैं।
Published on:
7 Apr 2020, 4:26 PM IST
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