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राजस्थान की बिजली व्यवस्था को ‘बैलेंस’ करने की नई योजना, धौलपुर बिजलीघर को सिंक्रोनस कंडेंसर में बदलेगा निगम

Rajasthan Electricity : राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम धौलपुर बिजलीघर प्लांट को सिंक्रोनस कंडेंसर में बदल रहा है। यह प्रयोग देश में पहली बार होने जा रहा है। इसके बाद यह ग्रिड संतुलन संभालेगा।

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Rajasthan Electricity system New plan corporation convert Dholpur power station

गैस आधारित धौलपुर बिजलीघर। फोटो पत्रिका

Rajasthan Electricity : गैस आधारित धौलपुर बिजलीघर अब बिजली उत्पादन के साथ ही प्रदेश की बिजली व्यवस्था को 'बैलेंस' रखने का काम भी करेगा। गैस की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण इस प्लांट से बिजली उत्पादन की लागत करीब 22-25 रुपए प्रति यूनिट तक पहुंच गई है, जिससे यह घाटे का सौदा बन गया है। ऐसे में राज्य विद्युत उत्पादन निगम इस प्लांट को सिंक्रोनस कंडेंसर में बदल रहा है। यह प्रयोग देश में पहली बार होने जा रहा है।

गौरतलब है कि धौलपुर कंबाइंड साइकिल पावर प्लांट वर्षों से घाटे का सौदा बना हुआ है। वर्ष 2019 के बाद इसका संचालन केवल कुछ दिनों के लिए 5-6 बार ही हुआ, लेकिन अनुबंध के चलते बंद रहने पर भी डिस्कॉम को करीब 150 करोड़ रुपए सालाना फिक्स चार्ज देना पड़ा। अब उत्पादन निगम करीब 1050 करोड़ रुपए की मांग कर रहा है। इससे पहले भी बिजली कंपनियां 700 करोड़ रुपए फिक्स चार्ज के रूप में चुका चुकी है, जिसका भार अंततः उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है।

इस तरह बदलेगी प्लांट की भूमिका….

प्रस्ताव के अनुसार प्लांट में बिजली उत्पादन लगभग बंद करेंगे। इसके जनरेटर और अन्य उपकरणों में तकनीकी बदलाव कर उन्हें सिंक्रोनस कंडेंसर के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। यह उपकरण केवल बिजली पैदा नहीं करेगा, बल्कि ग्रिड में रिएक्टिव पावर का संतुलन बनाए रखेगा और वोल्टेज को स्थिर रखने में मदद करेगा। सौर और पवन ऊर्जा तेजी से बढ़ने से ग्रिड स्थिरता बड़ी चुनौती बन रही है। ऐसे में यह प्लांट ग्रिड की बैलेंसिंग मशीन के रूप में में काम करेगा।

मानसून का काउंटडाउन : 25 तक पहुंचने की संभावना

एक अन्य खबर के अनुसार धौलपुर में एक ओर जहां शाम को चलने वाली हवाएं लोगों को गर्मी से राहत दे रही है, तो वहीं दोपहर खिली धूप शहरवासियों का पसीना छुटा रही है। पिछले कुछ दिन राहत के बाद रविवार को खिली तीखी धूप के कारण दिन का तापमान 2 डिग्री बढ़कर 41 पर जा पहुंचा। तो वहीं बारिश के बाद धूप खिलने से आर्द्रता का स्तर भी बढ़कर 30 तक पहुंच गया, जिससे लोग बेचैन होते रहे। पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश के बाद खिली तीखी धूप ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया। धूप का असर इतना था कि लोग साफी और छाता का इस्तेमाल करते देखे गए। यही कारण रहा कि रविवार को शनिवार के मुकाबले अधिकतम तापमान 2 डिग्री बढ़कर 41 पर पहुंच गया तो वहीं न्यूनतम तापमान भी एक डिग्री की उछाल के साथ 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मौसम विभाग की मानें तो आने वाले दिनों में गर्मी और तापमान में वृद्धि देखी जा सकती है। हालांकि विभाग का कहना है कि तापमान में अधिक वृद्धि नहीं होगी तापमान 42 से 43 डिग्री तक जा सकता है। तो वहीं पश्चिमी मानसून ने महाराष्ट्र तक अपनी उपस्थित दर्ज करा दी है जिसके राजस्थान सीमा में 20 से 25 जून तक पहुंचने की संभावना है।